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Ranchi : आंदोलन की तपिश के बीच अब स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतर गया है। वजह साफ है, धरना स्थल पर भीड़ के बीच किसी की तबीयत अचानक बिगड़ सकती है। किसी को बुखार हो सकता है, किसी को चोट लग सकती है या फिर किसी मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में इलाज के लिए इधर-उधर भागदौड़ न करनी पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने विभाग को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया है।
मंत्री ने साफ कहा है कि आंदोलन जब तक चलेगा, स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहना होगा। धरना स्थल पर अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर मौके पर ही प्राथमिक इलाज मिल सके। इसके साथ ही गंभीर स्थिति वाले मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था भी तैयार रखने को कहा गया है।
धरना स्थल पर डॉक्टर, अस्पताल में तैयार रहेगा बैकअप
स्वास्थ्य मंत्री ने RIMS के निदेशक और सदर अस्पताल, रांची के सिविल सर्जन को खास तौर पर जिम्मेदारी दी है। दोनों अधिकारियों को धरना स्थल पर अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती करने का निर्देश मिला है। मकसद यही है कि आंदोलन के दौरान स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी सामने आए तो डॉक्टर तुरंत मौके पर पहुंच सकें।
अस्पतालों में भी 10 बेड का विशेष वार्ड बैकअप के तौर पर तैयार रखने को कहा गया है। यानी अगर एक साथ कई लोगों को इलाज की जरूरत पड़ती है तो अस्पतालों में व्यवस्था बनाने में समय न लगे। RIMS निदेशक और सिविल सर्जन को लगातार स्थिति की जानकारी लेने और इसकी रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्री को देने के लिए कहा गया है।
बारिश में बीमारी का खतरा, बच्चों पर भी नजर
अभी बारिश का मौसम है। ऐसे में आंदोलन स्थल पर भीड़ के बीच मच्छर और संक्रमण से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। इसे देखते हुए डेंगू, टाइफाइड, कालाजार और डायरिया जैसी बीमारियों से बचाव की तैयारी दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया है। ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव के साथ डिफॉगिंग की व्यवस्था प्रभावी रखने को कहा गया है।
मंत्री ने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर खास सावधानी बरतने को कहा है। अगर किसी बच्चे को बुखार, बदन दर्द या सिर दर्द हो, अथवा प्लेटलेट्स में कमी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उसकी तुरंत जांच कराई जाए। जरूरत पड़ने पर उसे सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाए। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का संदेश साफ है कि आंदोलन अपनी जगह है, लेकिन लोगों की सेहत से समझौता नहीं होगा। धरना स्थल हो या अस्पताल, दोनों जगह किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग को तैयार रहना होगा।
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