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Home » खनिज विधेयक पर भड़के सीएम हेमंत, बोले- झारखंड ऐसा आंदोलन करेगा जिसे…
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खनिज विधेयक पर भड़के सीएम हेमंत, बोले- झारखंड ऐसा आंदोलन करेगा जिसे…

August 13, 2026No Comments4 Mins Read
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Ranchi : खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के लोकसभा और राज्यसभा से पास होने के बाद झारखंड की सियासत गरमा गई है। सीएम हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि खनिज झारखंड का है, जमीन झारखंड की है, फिर झारखंड के हक और अधिकार का फैसला दिल्ली क्यों करेगी? सीएम हेमंत ने साफ कहा कि अगर केंद्र सरकार ने यह विधेयक वापस नहीं लिया तो झारखंड ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा।

हेमंत बोले- जल्दबाजी में पास कराया गया विधेयक

सीएम हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में जल्दबाजी में खान और खनिज संशोधन विधेयक, 2026 पास कराया गया। उनके मुताबिक केंद्र सरकार ने इस विधेयक के जरिए झारखंड के हाथ-पैर काटने का काम किया है। उन्होंने इसे झारखंड और झारखंडियों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि इससे राज्य के विकास और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर बड़ा असर पड़ेगा।

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झारखंड ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा….

खनिज झारखंड का, जमीन झारखंड की—तो हमारे हक-अधिकार का फैसला दिल्ली क्यों करेगी?

लोकसभा और राज्यसभा – दोनों सदनों में जल्दबाजी में खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पास करा केंद्र सरकार ने झारखंड के हाथ-पैरों… pic.twitter.com/s3VzpacCbN

— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 13, 2026

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड अपनी खनिज संपदा के मामले में लंबे समय से देश के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। राज्य की जमीन से कोयला, लौह अयस्क और दूसरे खनिज निकलते हैं। ऐसे में खनिज से जुड़े फैसलों में राज्य के अधिकार और हितों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने इसी सवाल को उठाते हुए कहा कि जब खनिज झारखंड का है और जमीन भी झारखंड की है, तो उसके हक और अधिकार का फैसला दिल्ली में क्यों होगा। उन्होंने कहा कि झारखंड इस सौतेले व्यवहार को नहीं सहेगा। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में यह भी साफ किया कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इस विधेयक का पुरजोर विरोध करेगा।

मंईयां सम्मान और अबुआ आवास का भी जिक्र

सीएम हेमंत सोरेन ने इस विधेयक के असर को राज्य की आम जनता से जोड़ते हुए कई सरकारी योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून बनने के बाद राज्य की आमदनी और संसाधनों पर असर पड़ा तो सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है।

हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में करोड़ों लोगों के सामाजिक सुरक्षा से जुड़े हितों पर खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, पेंशन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं को चलाने में राज्य के संसाधनों की बड़ी भूमिका है। उनका दावा है कि केंद्र के इस फैसले से राज्य के आर्थिक अधिकार कमजोर हुए तो गरीबों और जरूरतमंद लोगों के लिए चल रही योजनाओं पर दबाव बढ़ेगा। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि यह सिर्फ खनिज और टैक्स का मामला नहीं है, बल्कि झारखंड के लोगों के अधिकार और राज्य के भविष्य का सवाल है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार और झारखंड मुक्ति मोर्चा इस मुद्दे पर पीछे हटने वाले नहीं हैं।

हर जिले, प्रखंड और पंचायत में विरोध की चेतावनी

सीएम हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार को सीधे तौर पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने यह विधेयक वापस नहीं लिया तो विरोध को पूरे झारखंड में ले जाया जाएगा। प्रत्येक जिला, प्रत्येक प्रखंड, प्रत्येक पंचायत और प्रत्येक शहर में इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर केंद्र सरकार नहीं चेती और झारखंड तथा झारखंडियों को उनका हक और अधिकार वापस नहीं किया गया तो राज्य निर्णायक और ऐतिहासिक फैसले लेने से भी पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में झारखंड ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा। अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा, “हूल जोहार! जय झारखंड!”

यहां याद दिला दें कि बीते 12 अगस्त को संसद में हंगामे के बीच खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को दोनों सदनों से मंजूरी मिली। विधेयक के तहत राज्यों के खनिज राजस्व और कराधान से जुड़े अधिकारों में बदलाव का मुद्दा सामने आया है। इसी को लेकर झारखंड सरकार और सीएम हेमंत सोरेन केंद्र सरकार के खिलाफ मुखर हो गए हैं।

इसे भी पढ़ें : भर्ती परीक्षा विवाद पर गरजे विनोद पांडेय, बोले- BJP ने हेमंत सरकार को बदनाम करने का रचा षड्यंत्र 

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