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Ramgarh : 15 अगस्त की सुबह राधा गोविन्द विश्वविद्यालय का माहौल बाकी दिनों से बिल्कुल अलग था। परिसर में हर तरफ तिरंगा नजर आ रहा था। कहीं एनसीसी कैडेट्स अनुशासन के साथ अतिथियों के स्वागत में जुटे थे तो कहीं विद्यार्थी मार्च पास्ट की तैयारी में थे। जैसे ही कुलाधिपति बी. एन. साह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, पूरा परिसर राष्ट्रगान की आवाज से गूंज उठा। विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के चेहरों पर देश के प्रति सम्मान और गर्व साफ दिखाई दे रहा था।
कदमताल में दिखा अनुशासन, सैनिकों की कहानी ने छू लिया दिल
समारोह की शुरुआत एनसीसी कैडेट्स के स्वागत से हुई। कैडेट्स ने पूरे अनुशासन के साथ अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने मार्च पास्ट किया। कदमताल करते विद्यार्थियों को देखकर परिसर में मौजूद लोगों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। देशभक्ति के नारों ने समारोह के माहौल को और जोश से भर दिया।
कार्यक्रम का सबसे भावुक पल तब आया, जब शारीरिक शिक्षा विभाग के छात्र-छात्राओं ने भारतीय सैनिकों के साहस और संघर्ष पर प्रस्तुति दी। सीमा पर जवान किन परिस्थितियों में देश की रक्षा करते हैं और परिवार से दूर रहकर किस तरह अपना फर्ज निभाते हैं, इसे विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति में दिखाया। प्रस्तुति खत्म हुई तो पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा। कुछ देर के लिए ऐसा लगा जैसे मंच पर विद्यार्थी नहीं, बल्कि देश की सीमा पर खड़े जवानों की कहानी सामने आ गई हो।

एक मंच पर कई भाषाएं, संस्कृति ने बताया भारत का मतलब
स्वतंत्रता दिवस का रंग सिर्फ देशभक्ति तक सीमित नहीं रहा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भारत की विविधता भी देखने को मिली। कुलपति प्रो. डॉ. रश्मि ने स्वागत भाषण में स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।
इसके बाद विद्यार्थियों ने तेलुगु, तमिल, नागपुरी सहित कई भारतीय भाषाओं और संस्कृतियों पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किए। अलग-अलग भाषा, पहनावे और संगीत के बावजूद हर प्रस्तुति में एक ही भाव दिखाई दिया, देश के प्रति सम्मान। एक ही मंच पर इतनी विविधता ने विद्यार्थियों और अतिथियों का मन मोह लिया।
समारोह में मुख्य अतिथि सुबोध कुमार मिश्रा, वीणा मिश्रा, संजीव कुमार, फूलमती देवी, सचिव प्रियंका कुमारी सहित विश्वविद्यालय के पदाधिकारी मौजूद रहे। कुलसचिव प्रो. डॉ. निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. डॉ. अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार, मीडिया प्रभारी डॉ. संजय सिंह और समाजसेवी सीपी संतन समेत शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी भी समारोह में शामिल हुए।

शिक्षा के साथ जिम्मेदारी का पाठ भी मिला
कुलाधिपति बी. एन. साह ने कहा कि दृढ़ संकल्प, सकारात्मक सोच और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा किसी भी संस्था को आगे ले जाने की ताकत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य सिर्फ डिग्री देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के साथ समाज और देश के लिए जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रंजना पांडेय, डॉ. अमरेश पांडेय, बीनिश रहमन, अतुल कुमार गुप्ता, कृतिका कुमारी और सिमरन कुमारी ने किया। कुलसचिव प्रो. डॉ. निर्मल कुमार मंडल ने धन्यवाद ज्ञापन किया। आखिर में सभी ने सामूहिक राष्ट्रगान में हिस्सा लिया। राष्ट्रगान के साथ समारोह संपन्न हुआ और विश्वविद्यालय परिवार के बीच मिष्ठान वितरित किया गया। इस तरह स्वतंत्रता दिवस का यह आयोजन तिरंगे, सैनिकों के सम्मान, संस्कृति और शिक्षा के संदेश के साथ यादगार बन गया।
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