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Ranchi : जेपीएससी-जेएसएससी की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के मामले में सरकार ने बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की एक और कोशिश की है। आंदोलनरत छात्रों को 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे वार्ता के लिए बुलाया गया है। खास बात यह है कि छात्रों को अपने विधिक सलाहकारों के साथ बातचीत में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि छात्रों की मांगों को समझकर बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश की जाएगी।
आंदोलन स्थल पर पहुंचे एसडीएम और एडीएम, छात्रों से की बात
रविवार को एसडीएम कुमार रजत और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर धनंजय कुमार जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे। यहां जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों से अधिकारियों ने मुलाकात की। अधिकारियों ने छात्रों की बातें सुनीं और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर उनसे बातचीत भी की।
इसी दौरान प्रशासन की ओर से छात्रों को सरकार के बातचीत के प्रस्ताव की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे छात्रों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया है। छात्रों से कहा गया है कि वे चाहें तो अपने विधिक सलाहकारों के साथ वार्ता में शामिल हो सकते हैं। इससे बातचीत के दौरान मांगों के कानूनी पहलुओं पर भी चर्चा हो सकेगी।
प्रशासन की ओर से छात्रों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि उनकी मांगों को सुना जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि आंदोलन को लेकर बने गतिरोध को बातचीत के जरिए ही दूर किया जा सकता है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर छात्रों से सीधे बातचीत की और अगले दिन वार्ता का प्रस्ताव रखा है।
एसडीएम कुमार रजत ने कहा कि प्रशासन छात्रों के साथ बातचीत के लिए तैयार है। उनका कहना है कि बातचीत के माध्यम से सभी पक्षों की बात सामने आ सकती है और सहमति बनाकर समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। छात्रों को उनके विधिक सलाहकारों के साथ बातचीत में शामिल होने का प्रस्ताव भी इसी उद्देश्य से दिया गया है।
लगातार आंदोलन कर रहे छात्र, अब वार्ता पर नजर
जेपीएससी-जेएसएससी की अलग-अलग मांगों को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे आंदोलन में छात्र अपनी मांगों को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। छात्रों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जांच और इससे जुड़े दूसरे मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है।
पिछले दिनों आंदोलन के दौरान छात्र और प्रशासन आमने-सामने भी आए थे। इसके बाद अब प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का आंदोलन स्थल पर पहुंचना और छात्रों से बातचीत करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार की ओर से अगले दिन वार्ता के लिए बुलाए जाने से दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता खुलता दिख रहा है।
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