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Patna : संत गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती इस बार बिहार में बड़े स्तर पर मनाई जाएगी। जयंती के मौके पर 18, 19 और 20 अगस्त को राज्यभर में कलश यात्रा निकाली जाएगी। पहले यह यात्रा जिला स्तर पर निकलेगी और इसके बाद इसे सभी पंचायतों तक ले जाने की तैयारी है। इसके साथ ही श्री गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान की भी शुरुआत की जा रही है। इस अभियान का मुख्य मकसद अनुसूचित जाति बहुल गांवों और बस्तियों तक सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाना है।
सरकार ने अभियान के तहत ऐसे गांवों और बसावटों में सरकारी योजनाओं और सुविधाओं को 100 प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसमें केवल आवास या सड़क जैसी बुनियादी जरूरतें ही शामिल नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और आर्थिक अवसरों पर भी ध्यान दिया जाएगा। कोशिश यह है कि जिन परिवारों तक योजनाओं का लाभ किसी वजह से नहीं पहुंच पाया है, उन्हें चिन्हित कर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान हो।
गांवों में लगेंगे अधिकार और जागरूकता के शिविर
अभियान के दौरान अनुसूचित जाति बहुल गांवों में अधिकार आधारित शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लोगों को बताया जाएगा कि उन्हें किन सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है और इन योजनाओं के लिए आवेदन कैसे किया जा सकता है। इसके लिए साइकिल रैली के साथ वाद-विवाद, निबंध और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं भी होंगी। जन-सुनवाई के जरिए ग्रामीणों की समस्याएं सुनी जाएंगी और संबंधित विभागों को उनके समाधान के लिए कार्रवाई करनी होगी।
गांवों में पहले से चल रही सरकारी योजनाओं का भी पूरा लाभ लेने पर जोर रहेगा। जिन जगहों पर आवास, पानी, सड़क, बिजली, सौर ऊर्जा या स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है, वहां इन कमियों को दूर करने की कोशिश होगी। अभियान के दौरान हर महीने के पहले गुरुवार को संत रविदास शिविर लगाना जरूरी होगा। इन शिविरों में गैस की प्रतिपूर्ति सहित दूसरी जरूरी सेवाओं और सुविधाओं को उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
यह अभियान 15 फरवरी 2027 तक चलेगा। इस दौरान जिलों को चरणबद्ध तरीके से काम पूरा करना होगा। संबंधित विभागों को अपने स्तर पर योजनाओं की प्रगति की निगरानी भी करनी होगी।
युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर जोर, AI और 3D प्रिंटिंग की ट्रेनिंग
अभियान में युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास को भी अहम जगह दी गई है। युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए 3D प्रिंटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़े विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका मकसद युवाओं को नए तरह के काम और रोजगार के लिए तैयार करना है।
इसके साथ ही अंतर विद्यालय खेल प्रतियोगिताएं और दूसरी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सरकार का जोर है कि गांवों के युवाओं को पढ़ाई के साथ खेल, तकनीक और रोजगार से जुड़े अवसर भी मिलें।
सामाजिक स्तर पर संत रविदास सदन और प्रखंड स्तर पर संत रविदास कल्याण केंद्र जैसी पहल भी की जाएगी। इनके जरिए लोगों को जरूरी जानकारी और सरकारी सुविधाओं से जोड़ने की कोशिश होगी। कौशल विकास, मार्केटिंग एवं सहायता केंद्र, संत रविदास पार्क और संत रविदास पुरस्कार जैसी योजनाओं को भी अभियान का हिस्सा बनाया गया है।
हर पात्र परिवार तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
श्री गुरु रविदास समरसता संकल्प अभियान का सबसे बड़ा लक्ष्य अनुसूचित जाति बहुल इलाकों में सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की पहुंच को शत-प्रतिशत करना है। इसके लिए अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल बनाया जाएगा। योजनाओं की नियमित निगरानी होगी, ताकि पात्र लाभुकों को समय पर लाभ मिल सके।
अभियान में शिक्षा, कौशल, रोजगार, सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तीकरण जैसे मुद्दों को एक साथ लेकर काम करने की योजना है। जिला स्तर पर तय किए गए कामों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा और सभी गतिविधियों को 15 फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
संत रविदास महाराज की 650वीं जयंती के मौके पर निकलने वाली कलश यात्रा के जरिए जहां उनका संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी है, वहीं समरसता संकल्प अभियान के जरिए लोगों को उनके अधिकार और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की कोशिश होगी। सरकार का जोर इस बात पर है कि योजनाएं केवल कागज पर न रहें, बल्कि उनका फायदा सीधे जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे।
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