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Lakhisarai : बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। देखते ही देखते कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। हादसे में अब तक सात श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में सभी महिलाएं बताई जा रही हैं। कई अन्य श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
हादसे के बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई। लोग अपने परिजनों को तलाशते नजर आए। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजने का काम शुरू किया। लखीसराय सदर अस्पताल में भी प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे और घायलों के इलाज की व्यवस्था पर नजर रखी गई।

दो ट्रेनें रुकी तो और बढ़ गई भीड़
लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार को अशोकधाम मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या काफी ज्यादा थी। दर्शन के लिए लगी कतार अशोकधाम हॉल्ट तक पहुंच गई थी। इसी दौरान हॉल्ट पर दो ट्रेनें भी आकर रुकीं। ट्रेन रुकने के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ गई।
डीएम के मुताबिक, प्रशासन की टीम पहले से ही मौके पर मौजूद थी। पुलिस बल के साथ स्वास्थ्यकर्मी, एंबुलेंस, टोटो एंबुलेंस और बाइक एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई थी। अधिकारियों की टीम लगातार भीड़ को संभालने और श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रखने में लगी थी। इसी बीच अचानक एक बिजली का पोल गिर गया। यह पोल पुरुष श्रद्धालुओं की कतार के दाहिनी तरफ था। पोल गिरते ही मौके पर मौजूद लोगों के बीच यह बात फैल गई कि बिजली का तार लोगों के ऊपर गिर गया है।

पोल गिरने के बाद फैली अफवाह, महिलाओं की कतार में बढ़ा दबाव
डीएम ने बताया कि जिस तार को लेकर अफवाह फैली थी, वह बिजली का तार नहीं बल्कि केबल का तार था। लेकिन अफवाह फैलते ही श्रद्धालुओं में डर पैदा हो गया। इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं की कतार में दिखाई दिया। वहां अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया। लोग खुद को बचाने के लिए इधर-उधर होने लगे। इसी दौरान कई महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिर गईं और देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। डीएम के अनुसार, स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ी कि महज दो मिनट में बड़ा हादसा हो गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने तुरंत लोगों को संभालने की कोशिश की। घायलों को मौके से निकालकर एंबुलेंस और दूसरे वाहनों से अस्पताल भेजा गया।
सुबह 3 बजे से मौके पर थी प्रशासन की टीम
डीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि प्रशासनिक टीम सुबह करीब 3 बजे से ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में व्यवस्था संभाल रही थी। भीड़ को देखते हुए पुलिस बल और मेडिकल टीमों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद अचानक पोल गिरने और उसके बाद अफवाह फैलने से हालात बिगड़ गए। उन्होंने बताया कि घटना में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में सभी महिलाएं शामिल हैं। प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान और घायलों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे के बाद अधिकारी अस्पताल में भी मौजूद हैं। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि घटना के दौरान मौके पर क्या स्थिति थी और भीड़ का दबाव अचानक इतना ज्यादा कैसे बढ़ गया।
एसडीपीओ ने भी की 7 मौतों की पुष्टि
एसडीपीओ शिवम कुमार ने हादसे में सात लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि कई श्रद्धालु घायल हुए हैं और उनका इलाज कराया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं। एसडीपीओ के मुताबिक, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। प्रशासन की टीम मंदिर परिसर में स्थिति को सामान्य करने के साथ ही घटना से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है।
अस्पताल में घायलों के इलाज पर नजर
हादसे के बाद घायलों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए मेडिकल टीमों को सक्रिय किया गया। लखीसराय सदर अस्पताल में भी अधिकारियों की मौजूदगी में घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई। घटना के बाद प्रशासन ने मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में भीड़ को नियंत्रित करने पर विशेष ध्यान दिया है। पुलिसकर्मियों को लोगों की आवाजाही व्यवस्थित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने में लगाया गया।
CM सम्राट चौधरी ने जताया दुख, किया मुआवजे का ऐलान
अशोकधाम मंदिर में हुए हादसे पर CM सम्राट चौधरी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृत श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। सीएम ने अनुग्रह राशि के तौर पर मृतकों के आश्रितों को 4-4 रुपए देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने घायलों के बेहतर और जल्द इलाज के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घायलों को इलाज में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है और राहत तथा चिकित्सा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।
फिलहाल अशोकधाम मंदिर में हुए इस हादसे के बाद प्रशासन की टीमें राहत और बचाव के साथ घटना की जांच में जुटी हैं। हादसे की असली वजह, भीड़ का दबाव और पोल गिरने के बाद फैली अफवाह से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।
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