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Patna : बिहार के सिवान जिले में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई गोलीबारी की घटना के बाद राज्य का सियासी पारा पूरी तरह से चढ़ चुका है। प्रदर्शन के दौरान अति-संवेदनशील और अत्याधुनिक हथियार AK-47 से हुई फायरिंग का मामले में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच वाकयुद्ध तेज हो गया है। राजद यानी राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा सम्राट चौधरी सरकार और गृह विभाग से 15 कड़े सवाल पूछे जाने के बाद भाजपा ने भी पूरी तरह से आक्रामक रुख अपना लिया है। भाजपा ने तेजस्वी के आरोपों पर पलटवार करते हुए इसे शुद्ध रूप से राजनीतिक अवसरवादिता और सोशल मीडिया का स्टंट करार दिया है।
तेजस्वी ने सम्राट सरकार से पूछे 15 तीखे सवाल
घटना के करीब तीन हफ्ते बीत जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की सम्राट सरकार पर तीखा हमला किया है। तेजस्वी यादव ने एक के बाद एक कुल 15 सवाल दागे। तेजस्वी यादव का मुख्य आरोप है कि छात्रों के एक शांतिपूर्ण आंदोलन और सड़क जाम को नियंत्रित करने के लिए AK-47 जैसे विनाशकारी हथियार का इस्तेमाल पुलिस प्रशासन की घोर लापरवाही और तानाशाही सोच को उजागर करता है। तेजस्वी ने राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय से सीधे तौर पर जवाब मांगते हुए सवाल उठाया कि एक साधारण सिपाही को AK-47 जैसा घातक हथियार किस यूनिट या शस्त्रागार से आवंटित किया गया था और क्राउड मैनेजमेंट जैसी ड्यूटी के लिए इतने मारक हथियार को लाने की इजाजत किस अधिकारी ने दी थी।
विपक्ष का सबसे बड़ा मुद्दा क्राउड मैनेजमेंट यानी भीड़ नियंत्रण के तय मानकों और एसओपी (SOP) के उल्लंघन का है। तेजस्वी यादव का तर्क है कि घटना के बाद केवल सिपाही को निलंबित करके पूरी कमांड-चेन को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल दागा कि जब तक हथियार आवंटन करने वाले अधिकारियों और जिला एसपी पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठते रहेंगे। तेजस्वी ने मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
छात्र-छात्राओं के सवाल, सरकार दे जवाब!
1. छात्रों पर गोलीबारी करने वाले सिपाही के पास AK-47 आई कैसे? निलंबित सिपाही को AK-47 किस यूनिट या शस्त्रागार से जारी की गई?
2. हथियार जारी करने का आदेश किसने दिया? AK-47 जैसे आधुनिक हथियार के आवंटन की पूरी कमांड-चेन की भूमिका सामने आनी… pic.twitter.com/QrFhaeVLlM— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) August 18, 2026
भाजपा का तीखा पलटवार, कहा- राजनीतिक रोटियां सेंक रहे तेजस्वी
तेजस्वी यादव के इन तीखे हमलों का जवाब देते हुए बिहार भाजपा की प्रदेश महामंत्री और प्रदेश प्रवक्ता डॉ प्रीति शेखर ने मोर्चा संभाला। उन्होंने तेजस्वी यादव को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि सिवान में हुई घटना के लगभग 20 दिन बीत जाने के बाद अचानक नेता प्रतिपक्ष की नींद टूटी है। इतने दिनों तक पूरी तरह खामोश रहने के बाद अब वे इस दुखद घटना पर केवल राजनीतिक रोटियां सेंकने और ट्विटर पर बयानबाजी कर अवसरवादिता का परिचय दे रहे हैं।
सिवान AK-47 फायरिंग पर सियासत तेज! तेजस्वी यादव के 15 सवालों पर भाजपा का पलटवार। डॉ. प्रीति शेखर ने कहा, आरोपी जवान निलंबित है और जांच जारी है। सरकार दोषियों पर कार्रवाई करेगी।#Siwan #AK47 #TejashwiYadav #SamratChoudhary #BiharNews #BiharPolitics #StudentProtest #NewsSamvad pic.twitter.com/V7X4fhWfCZ
— News Samvad (@newssamvaad) August 18, 2026
सत्तापक्ष की ओर से यह साफ तौर पर कहा गया कि मुसीएम सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार कानून के शासन से कोई समझौता नहीं करती है। घटना सामने आते ही पुलिस हेडक्वार्टर के निर्देश पर त्वरित कदम उठाते हुए आरोपी सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था। इसके साथ ही पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच शुरू की जा चुकी है। भाजपा का कहना है कि सरकार ने बिना किसी ढिलाई के जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है और बैलिस्टिक रिपोर्ट व फॉरेंसिक जांच के नतीजों के आधार पर जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुशासन बनाम पुराने दौर की याद
विपक्ष को उनके पुराने शासनकाल की याद दिलाते हुए सत्तापक्ष ने जोरदार हमला बोला। भाजपा प्रवक्ता डॉ प्रीति शेखर ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जब राज्य में राजद की सरकार थी, तब सत्ता के संरक्षण में अपराधियों को पनाह मिलती थी और सरकारी छत्रछाया में अपराध फलता-फूलता था। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को सुशासन पर सवाल उठाने से पहले अपने दौर के रिकॉर्ड को देखना चाहिए। आज के बिहार में कानून का राज कायम है और कोई भी अपराधी या उपद्रवी अपराध करने से पहले सौ बार सोचता है।
राज्य सरकार का दावा है कि वर्तमान एनडीए सरकार में त्वरित न्याय और पारदर्शी व्यवस्था के जरिए सुशासन स्थापित किया गया है। पुलिस महकमे को अनुशासित रखने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यदि कोई भी जवान या अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर गलत कदम उठाता है, तो उस पर तत्काल गाज गिरती है। भाजपा ने तेजस्वी यादव को सलाह दी कि वे केवल सोशल मीडिया पर बयानबाज़ी करने के बजाय एक जिम्मेदार और परिपक्व प्रतिपक्ष के नेता की भूमिका अदा करें और पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार करें।
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