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Ranchi : झारखंड विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार को पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कुछ विधानसभा कर्मचारियों को फोन कर धमकी दी गई थी। फोन करने वाले ने कर्मचारियों से कहा कि वे विधानसभा नहीं जाएं, क्योंकि परिसर को बम से उड़ाया जाएगा। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और विधानसभा परिसर की सुरक्षा जांच शुरू कर दी। इस मामले में रांची के विधानसभा थाने में शुक्रवार को एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब धमकी देने वाले शख्स की पहचान करने में जुटी है। इसके लिए जिस मोबाइल नंबर से फोन आया था, उसे ट्रेस किया जा रहा है। तकनीकी टीम को भी जांच में लगाया गया है।
सूचना मिलते ही विधानसभा में शुरू हुई जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी की जानकारी 20 अगस्त को मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराई। बम निरोधक दस्ते की टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने विधानसभा परिसर के अंदर और आसपास के संभावित स्थानों को बारीकी से खंगाला। बीडीएस की टीम ने काफी देर तक अलग-अलग हिस्सों की जांच की। इस दौरान कहीं कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। जांच के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। हालांकि, धमकी को हल्के में नहीं लिया जा रहा है और फोन करने वाले की तलाश जारी है।
मोबाइल नंबर से आरोपी तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी देने वाले मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच की जा रही है। कॉल की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फोन कहां से किया गया था और इसके पीछे किसका हाथ है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी देने वाले का मकसद क्या था। क्या उसने केवल डर पैदा करने के लिए फोन किया या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस कॉल से जुड़े दूसरे तकनीकी पहलुओं को भी खंगाल रही है।
पहले भी कई सरकारी संस्थानों को मिल चुकी है धमकी
रांची में महत्वपूर्ण सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले सिविल कोर्ट, उपायुक्त कार्यालय, पासपोर्ट कार्यालय और शहर के कुछ निजी मॉल को भी इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। सिविल कोर्ट और उपायुक्त कार्यालय को कई बार निशाना बनाने की धमकी दी गई थी। हर बार पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बम निरोधक दस्ते से जांच कराई। जांच के दौरान कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और धमकियां अफवाह साबित हुईं। विधानसभा को मिली ताजा धमकी के बाद पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं इसका संबंध पहले मिले धमकी भरे कॉल से तो नहीं है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता धमकी देने वाले व्यक्ति तक पहुंचना और मामले की पूरी सच्चाई सामने लाना है।
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