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Lucknow : सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी जैसे क्रांतिकारियों ने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। इन वीर सपूतों ने अंग्रेजी हुकूमत के सामने झुकने के बजाय देश के लिए अपनी जान दे दी और भारत की आन, बान और शान को बनाए रखा। ऐसे अमर बलिदानियों की स्मृतियों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है।
सीएम रविवार को लखनऊ में स्वाधीनता संग्राम सेनानी और अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने गुलाब सिंह लोधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुलाब सिंह लोधी का बलिदान आज भी लोगों को देश के लिए कुछ करने की प्रेरणा देता है।

32 साल की उम्र में तिरंगा फहराया, अंग्रेजों ने गोलियों से भूना
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुलाब सिंह लोधी का जन्म वर्ष 1903 में उन्नाव के एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। सामान्य परिवार से आने वाले गुलाब सिंह लोधी आजादी के आंदोलन से जुड़े और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ खुलकर खड़े हुए।
सीएम ने बताया कि 23 अगस्त 1935 को गुलाब सिंह लोधी ने अंग्रेजों को चुनौती देते हुए इसी पार्क में तिरंगा फहराया था। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 32 साल थी। अंग्रेजी हुकूमत उनके इस साहस को सहन नहीं कर सकी और उन्हें गोलियों से भून दिया गया।
योगी ने कहा कि गुलाब सिंह लोधी ने देश के लिए अपनी जान दे दी, लेकिन जाते-जाते आजादी की लड़ाई का ऐसा अध्याय छोड़ गए, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता। उनके बलिदान के करीब 12 साल बाद भारत अंग्रेजी हुकूमत की गुलामी से आजाद हुआ।
गुलाब सिंह लोधी के नाम पर पार्क, स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस प्रशिक्षण केंद्र
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि अमर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों की यादें सिर्फ किताबों में न रह जाएं। उनके नाम और उनके योगदान को लोगों के बीच जिंदा रखा जाए। इसी उद्देश्य से उन्नाव में पार्क, स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस प्रशिक्षण केंद्र का नाम अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी के नाम पर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने देश और समाज के लिए बलिदान देने वाले दूसरे महापुरुषों और वीरांगनाओं के सम्मान में भी कई संस्थानों का नामकरण किया है। वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर अलीगढ़ में स्टेडियम और बदायूं में पीएसी की नई महिला बटालियन का नाम रखा गया है।
इसी तरह लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी और गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर पीएसी की महिला बटालियन का नामकरण किया गया है। औरैया में नए मेडिकल कॉलेज का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखा गया है।

महापुरुषों की स्मृतियां संजोने के लिए 500 करोड़ मंजूर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महान क्रांतिकारियों और वीर सपूतों की यादों को जीवंत रखने के लिए सरकार स्मारक बनाने का काम लगातार जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने करीब 500 करोड़ रुपये उन सामाजिक न्याय के योद्धाओं के सम्मान में स्वीकृत किए हैं, जिन्होंने सामाजिक न्याय और देश की आजादी के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया।
इस राशि से बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, सद्गुरु रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि समेत अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं पर छाजन लगाने, पार्कों का नए सिरे से निर्माण कराने और उनकी सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे।
सीएम ने कहा कि महापुरुषों के प्रति सम्मान का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। सरकार का उद्देश्य है कि जिन लोगों ने देश और समाज के लिए अपना जीवन दिया, उनकी स्मृतियां सुरक्षित रहें और युवा पीढ़ी उनके संघर्ष और बलिदान से परिचित हो।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, सांसद बृजलाल, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
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