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Patna : बिहार के युवाओं को नौकरी के लिए दूसरे राज्यों की ओर नहीं जाना पड़े, सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। अगले साल से राज्य के हर जिले में नियोजन मेला लगाया जाएगा, ताकि युवाओं को अपने जिले में ही कंपनियों से जुड़ने और नौकरी पाने का मौका मिले। सीएम सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना के ज्ञान भवन में आयोजित मेगा जॉब फेयर-2026 के समापन समारोह में यह बात कही।
सीएम ने कहा कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में तेजी से काम चल रहा है। उनका कहना था कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। जरूरत उन्हें सही प्रशिक्षण और रोजगार का अवसर देने की है। अब बिहार के युवा कौशल हासिल कर देश के दूसरे राज्यों के साथ विदेशों में भी अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं।

20226 युवाओं को रोजगार, 476 विदेश में नौकरी के लिए चयनित
ज्ञान भवन में आयोजित मेगा जॉब फेयर में बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, इंश्योरेंस, रिटेल और दूसरे क्षेत्रों की 115 से अधिक कंपनियां पहुंचीं। नौकरी की तलाश में बड़ी संख्या में युवक-युवतियां मेले में पहुंचे। कंपनियों ने इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया के बाद 20,226 युवाओं को रोजगार के अवसर दिए।
सीएम ने बताया कि इनमें 3,940 युवाओं को बिहार में ही रोजगार मिला है। 36 दिव्यांगजनों का भी रोजगार के लिए चयन हुआ है, जबकि 476 युवाओं को विदेशों में नौकरी के लिए चुना गया है। सीएम ने चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर बधाई दी और कहा कि रोजगार मिलने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आएगा।
उन्होंने युवाओं से कहा कि अब उन्हें अपनी मेहनत और प्रतिभा से खुद को साबित करना है। जिम्मेदारी के साथ काम करें, क्योंकि उनकी सफलता से परिवार को खुशी मिलेगी और दूसरे युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी।

पहले राज्य और प्रमंडल में लगता था मेला, अब हर जिले में होगा आयोजन
सीएम ने कहा कि बिहार में पहले प्रदेश और प्रमंडल स्तर पर नियोजन मेले आयोजित किए जाते थे। अब सरकार ने फैसला किया है कि अगले साल से बिहार के प्रत्येक जिले में नियोजन मेले लगाए जाएंगे।
इससे युवाओं को नौकरी की तलाश में दूर जाने की जरूरत कम होगी। स्थानीय स्तर पर कंपनियों और रोजगार के अवसरों की जानकारी भी मिलेगी। सीएम ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बिहार के लोगों को जीवन-यापन के लिए दूसरे राज्यों में जाने की मजबूरी न हो।

पांच साल में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में एनडीए सरकार ने 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी और 10 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य तय किया था। इस दौरान साढ़े 11 लाख लोगों को सरकारी नौकरी और 51 लाख लोगों को रोजगार से जोड़ा गया।
सीएम ने कहा कि बिहार में उद्योग, आधारभूत ढांचे और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि रोजगार के साथ राज्य में ऐसे अवसर भी तैयार हों, जिनसे युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर भविष्य मिल सके।
पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बनाने के लिए केंद्र से आग्रह
सीएम ने बताया कि पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थापित करने के लिए भारत सरकार से आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार में दुनिया के लोगों को लाने और यहां के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में यह कदम अहम होगा।
उन्होंने पीपीपी मोड पर 126 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव की योजना का भी जिक्र किया। सीएम के अनुसार इस परियोजना की लागत करीब 70 हजार करोड़ रुपये है। इसमें बिहार सरकार 20 हजार करोड़ रुपये और निजी क्षेत्र 50 हजार करोड़ रुपये का योगदान करेगा।

25 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, 12 लाख को मिला प्रमाण पत्र
सीएम ने कहा कि बिहार कौशल विकास मिशन के माध्यम से अब तक 25 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। कुशल युवा कार्यक्रम के तहत 12 लाख युवाओं को प्रमाण पत्र भी दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को तकनीकी शिक्षा के साथ भाषा सीखने का अवसर भी दिया जा रहा है। विदेशों में रोजगार पाने के लिए लैंग्वेज क्लासेस की सुविधा दी जा रही है, ताकि बिहार के युवा दूसरे देशों में भी आसानी से काम कर सकें।
सीएम ने युवाओं को सीखते रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अगर जीवन में आगे बढ़ना है तो कौशल बढ़ाना जरूरी है। सीखने की कोई उम्र नहीं होती। लगातार सीखने वाला व्यक्ति आगे बढ़ने के नए रास्ते तलाश सकता है।
211 डिग्री कॉलेजों में शुरू हुई पढ़ाई
सीएम ने शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कामों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से बिहार में कुल 278 डिग्री कॉलेज थे। राज्य सरकार ने 15 जुलाई को एक साथ 211 डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कराई है। अब विद्यार्थियों को प्रखंड स्तर पर ही डिग्री की पढ़ाई करने का मौका मिलने लगा है।
उन्होंने बताया कि राज्य में 511 मॉडल स्कूल खोले गए हैं। इन स्कूलों में लाइव क्लास की शुरुआत की गई है। मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों के लिए रात 11 बजे तक ऑनलाइन शिक्षक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
मानसिक स्वास्थ्य से ठीक हुए लोगों और दिव्यांगों के लिए प्रशिक्षण केंद्र शुरू
कार्यक्रम में सीएम ने रिमोट के जरिए बिहार मानसिक स्वास्थ्य एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान, भोजपुर में कई प्रशिक्षण केंद्रों का शुभारंभ किया। मानसिक बीमारी से स्वस्थ हुए लोगों के पुनर्वास के लिए प्रशिक्षण केंद्र शुरू किया गया है।
इसके अलावा दिव्यांगजनों और ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों के कौशल विकास और आजीविका बढ़ाने के लिए भी प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए गए। विदेश जाने वाले लोगों के लिए प्रस्थान पूर्व उन्मुखीकरण प्रशिक्षण केंद्र की भी शुरुआत हुई।

6.42 लाख आवेदन आए, 96 प्रतिशत का निपटारा
सीएम ने बताया कि सहयोग कार्यक्रम के तहत अब तक 6 लाख 42 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 96 प्रतिशत आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि हर आवेदन का 30 दिनों के भीतर निपटारा सुनिश्चित किया जाना है।
कार्यक्रम में मेगा जॉब फेयर-2026 पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। मेले पर बनी लघु फिल्म भी दिखाई गई। सीएम ने मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा इंटर्नशिप में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नियोक्ताओं को सम्मानित किया। चीन के शंघाई में होने वाली विश्व कौशल प्रतियोगिता-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले बिहार के इंडिया स्किल विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री अरुण शंकर प्रसाद, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग के सचिव कौशल किशोर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी, नियोक्ता और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।
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