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Patna : रक्षाबंधन पर CM सम्राट चौधरी ने बिहार की बहनों के लिए बड़ा ऐलान किया है। सरकार अब महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने की तैयारी में है। इसके लिए ‘समृद्ध महिला – समृद्ध बिहार अभियान’ शुरू किया जाएगा। CM ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बिहार की सभी बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में नई शुरुआत होगी।
पशुपालन से लेकर सेवा क्षेत्र तक मिलेगा रोजगार
सरकार ने अगले कुछ वर्षों में राज्य की 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। योजना के तहत 60 लाख महिलाएं पशुपालन से जुड़ेंगी। इसके अलावा 25 लाख महिलाओं को विनिर्माण क्षेत्र और 15 लाख महिलाओं को सेवा क्षेत्र से जोड़ा जाएगा। सरकार का फोकस खास तौर पर ऐसी गतिविधियों पर है, जिनसे महिलाएं अपने घर के पास रहकर भी आमदनी शुरू कर सकें।
पशुपालन से जुड़ी महिलाओं को दूध उत्पादन, बकरी पालन, मुर्गी पालन और दूसरे कामों से जोड़ा जा सकता है। वहीं विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार किए जाएंगे। इससे गांवों में रहने वाली महिलाओं को भी अपनी कमाई का जरिया बनाने में मदद मिलेगी।
5 लाख बहनों को 600 करोड़ रुपये का सहारा
CM सम्राट चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 5 लाख बहनों के बीच 600 करोड़ रुपये का अंतरण किया जाएगा। इस राशि से महिलाएं अपना काम शुरू कर सकेंगी और पहले से चल रहे छोटे कारोबार को भी आगे बढ़ा सकेंगी।
सरकार ने अगले पांच साल के लिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये के योजनागत संसाधनों का अभिसरण करने का लक्ष्य भी रखा है। यानी अलग-अलग सरकारी योजनाओं के संसाधनों को महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के साथ जोड़ा जाएगा।
CM ने कहा कि बिहार की बहनों की समृद्धि ही समृद्ध बिहार की मजबूत नींव है। सरकार का मानना है कि जब महिलाओं की अपनी आमदनी होगी तो परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और इसका फायदा बच्चों की पढ़ाई से लेकर घर की जरूरतों तक दिखाई देगा। रक्षाबंधन के मौके पर इस अभियान को महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
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