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Patna : तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियर झील फटने (GLOF) के बाद गंडक नदी के आसपास के जिलों में फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए बिहार सरकार ने पूरी मशीनरी को अलर्ट कर दिया है। बुधवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सुबह और शाम दो बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हालात और तैयारियों की समीक्षा की। मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण और वैशाली के डीएम और एसपी से सीधे जानकारी ली गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं होनी चाहिए। तय एसओपी के मुताबिक सभी तैयारियां पूरी रखी जाएं और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को बिना देरी सुरक्षित जगह पहुंचाया जाए। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों को रातभर स्थिति पर नजर रखने और अलर्ट रहने को कहा गया है।
पश्चिम चंपारण में 5 हजार से ज्यादा लोग सुरक्षित जगह पहुंचे
समीक्षा के दौरान पश्चिम चंपारण के डीएम ने बताया कि संभावित फ्लैश फ्लड को देखते हुए तटबंध के आसपास के इलाकों में माइकिंग कराई गई। लोगों को खतरे की जानकारी दी गई और अब तक 5 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ उनके खाने-पीने का भी इंतजाम किया है। जिले में 7 कम्युनिटी किचन चलाए जा रहे हैं। इनके जरिए अब तक 1,150 से ज्यादा लोगों को खाना खिलाया जा चुका है। प्रशासन का कहना है कि जरूरत बढ़ने पर इनकी संख्या और बढ़ाई जा सकती है।
अन्य जिलों के डीएम ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी तैयारियों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि अभी स्थिति सामान्य है, लेकिन गंडक का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी पूरी है। राहत केंद्र और कम्युनिटी किचन के लिए जगह चिन्हित कर ली गई है। इन स्थानों पर मेडिकल टीमों को भी जोड़ा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तुरंत इलाज मिल सके।

तटबंधों पर चौकीदार और होमगार्ड लगातार कर रहे पेट्रोलिंग
मुख्य सचिव ने तटबंधों की सुरक्षा और निगरानी पर खास जोर दिया। उन्होंने चौकीदारों और होमगार्ड जवानों के जरिए तटबंधों पर लगातार पेट्रोलिंग कराने के निर्देश दिए हैं। जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों को भी मौके की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
NDRF और SDRF की टीमों को भी अलर्ट मोड में रखा गया है। अगर कहीं पानी तेजी से बढ़ता है या लोगों को सुरक्षित निकालने की जरूरत पड़ती है तो बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचकर लोगों को सुरक्षित जगह ले जाएगा।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों से कहा कि राहत सामग्री, जरूरी संसाधन और बचाव के साधन पहले से तैयार रखें। साथ ही सभी संबंधित विभाग आपस में लगातार संपर्क में रहें, ताकि जरूरत पड़ने पर फैसले लेने में समय न लगे।
सरकार की अपील, अफवाहों पर ध्यान न दें
मुख्य सचिव ने आम लोगों से घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया या दूसरे माध्यमों से आने वाली किसी भी अपुष्ट खबर पर भरोसा न करें। प्रशासन ने लोगों से कहा है कि बाढ़ या जलस्तर से जुड़ी जानकारी के लिए सिर्फ आधिकारिक और भरोसेमंद स्रोतों को ही देखें। बिना पुष्टि की किसी सूचना को आगे भेजने से बचें। फिलहाल गंडक के आसपास के सभी संबंधित जिलों में प्रशासन रातभर निगरानी रखेगा और जलस्तर में किसी भी बदलाव पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
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