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Patna : राजधानी पटना में मेट्रो का सपना देख रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों की जमीनी हकीकत जानी और अधिकारियों को काम में रफ्तार लाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़े सभी लक्ष्य समय सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए ताकि शहरवासियों को जल्द से जल्द सुरक्षित, आधुनिक और सुगम यातायात की सुविधा मिल सके।
डिपो का निरीक्षण कर जानी जमीनी हकीकत
समीक्षा बैठक से पहले मंत्री ने पटना मेट्रो डिपो परिसर का जायजा लिया और वहां पौधारोपण भी किया। उन्होंने साफ संदेश दिया कि निर्माण कार्य के साथ-साथ परिसर को हरा-भरा और स्वच्छ रखना भी जरूरी है। इसके बाद हुई बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव और पीएमआरसीएल के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार आर. पुडकलकट्टी ने विभिन्न कॉरिडोर और सेक्शन में चल रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट पेश की। उन्होंने आगामी कार्ययोजना और अब तक पूरे हुए अहम पड़ावों की जानकारी दी।
बैठक में काम के दौरान आ रही दिक्कतों और चुनौतियों पर भी खुलकर चर्चा हुई। मंत्री ने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर आने वाली अड़चनों को तुरंत दूर किया जाए। इसके लिए जरूरी है कि अधिकारी नियमित रूप से साइट का दौरा करें और काम की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें ताकि प्रोजेक्ट अपनी तय गति से आगे बढ़ सके।

ट्रैफिक मैनेजमेंट दुरुस्त रखने के कड़े निर्देश
मंत्री नीतीश मिश्रा ने निर्माण के चलते आम लोगों को होने वाली परेशानियों पर विशेष ध्यान दिलाया। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जहां भी निर्माण कार्य चल रहा है, वहां ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद होनी चाहिए। लोगों को जाम का सामना न करना पड़े, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों और डायवर्जन की जानकारी समय से दी जाए। सड़क पर गाड़ियों की आवाजाही सामान्य बनाए रखना निर्माण एजेंसियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
मंत्री ने स्पष्ट किया कि रफ्तार बढ़ाने के चक्कर में काम की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी सहयोगी एजेंसियों, निर्माण कंपनियों और विभागीय अधिकारियों को आपस में बेहतर तालमेल बनाकर काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि आगामी कार्यों की प्राथमिकताएं पहले से तय होनी चाहिए, ताकि काम बिना रुके आगे बढ़ सके। इस समीक्षा बैठक में पीएमआरसीएल और डीएमआरसी के तमाम बड़े अधिकारी और ठेकेदार मौजूद रहे।
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