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Patna / New Delhi : भारत की अगुवाई में नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ऐतिहासिक सफलता हासिल हुई है। सम्मेलन में सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ पर अपनी मुहर लगा दी है। इस बड़ी कूटनीतिक कामयाबी पर बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई और धन्यवाद दिया है। मुख्यमंत्री ने खासतौर पर इस बात के लिए आभार जताया कि इस अंतरराष्ट्रीय मंच के जरिए बिहार के सत्तू और मखाना को दुनिया भर में एक नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत के बढ़ते कद को देख रही है और देश अब सिर्फ अपनी बात रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया को रास्ता दिखाने का काम कर रहा है।
बहुपक्षवाद और सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता को मजबूती
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक माहौल में शांति, बातचीत और आपसी तालमेल की जरूरत सबसे ज्यादा है। ब्रिक्स देशों का एक मंच पर आना और साझा घोषणापत्र पर सहमत होना पूरी दुनिया को सकारात्मक संदेश देता है। सम्मेलन के जरिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत और ब्राजील की स्थायी सदस्यता की मांग को भी बड़ा समर्थन मिला है। इससे साफ है कि आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर विकासशील देशों की आवाज और मजबूत होगी। इसके अलावा, सम्मेलन में यह भी तय किया गया कि प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों को उनके मूल देशों में वापस लौटाया जाए, जो हर देश की सांस्कृतिक पहचान के लिए एक जरूरी कदम है।
आतंकवाद और सीमा पार नेटवर्क पर कड़ा रुख
घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाया गया है। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की सम्मेलन में कड़े शब्दों में निंदा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकता। ब्रिक्स देशों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद को मिलने वाले पैसे, सीमा पार से आतंकियों की आवाजाही और उन्हें सुरक्षित ठिकाने देने वालों के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही दुनिया भर में चल रहे युद्ध और तनाव को कूटनीति तथा बातचीत के जरिए सुलझाने पर बल दिया गया है, ताकि परमाणु खतरे को टाला जा सके और अंतरिक्ष का इस्तेमाल सिर्फ शांतिपूर्ण कार्यों के लिए हो।
व्यापार, तकनीक और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर
वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनाए रखने के लिए सम्मेलन में निष्पक्ष व्यापार और विश्व व्यापार संगठन में सुधार की बात कही गई। सीएम सम्राट चौधरी के मुताबिक, आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और क्वांटम तकनीक जैसे क्षेत्रों में ब्रिक्स देशों का साथ आना भविष्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा। भारत की डिजिटल ताकत का फायदा अन्य विकासशील देशों को भी मिलेगा। इसके अलावा, सुरक्षित ऊर्जा आपूर्ति, हाइड्रोजन, परमाणु ऊर्जा और नवीकरणीय स्रोतों के जरिए ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने पर सहमति बनी है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना गरीबी कम करने और विकास की रफ्तार बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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