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Patna : बिहार के युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार युवाओं को डिजिटल दौर के हिसाब से तैयार करने और उन्हें सीधे रोजगार से जोड़ने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत पूरे बिहार में ‘कुशल युवा कार्यक्रम (डिजिटल मित्र)’ की शुरुआत होगी। सरकार के सात निश्चय-3 योजना के पहले निश्चय ‘दोगुना रोजगार-दोगुना आय’ के तहत इस पूरे कार्यक्रम को हरी झंडी मिल चुकी है। योजना का मुख्य मकसद युवाओं को कंप्यूटर और डिजिटल दुनिया की बारीकियां सिखाकर उनकी आमदनी बढ़ाना है।
1609 केंद्रों पर क्लास चलाने का लक्ष्य
इस बड़े अभियान को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी बिहार कौशल विकास मिशन को सौंपी गई है। मिशन ने पूरे राज्य में कुल 1,609 केंद्रों पर यह ट्रेनिंग शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए उन केंद्र संचालकों से आवेदन मांगे गए थे जो पहले से कुशल युवा कार्यक्रम चला रहे हैं। छह अक्टूबर की तय तारीख तक कुल 680 केंद्र संचालकों ने इस कार्यक्रम से जुड़ने के लिए अपने आवेदन जमा कर दिए हैं।
पटना में एमओयू साइन करने का काम शुरू
आवेदन मिलने के बाद अब कागजी प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा रहा है। पटना स्थित बिहार कौशल विकास मिशन के दफ्तर में 29 अक्टूबर से केंद्र संचालकों के साथ समझौता ज्ञापन यानी एमओयू करने का काम चल रहा है। यह प्रक्रिया पांच नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद तय केंद्रों पर जरूरी संसाधन जुटाकर छात्रों के बैच बनाकर पढ़ाई शुरू करा दी जाएगी।
270 घंटे में मिलेगी पूरी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग
इस कार्यक्रम के तहत युवाओं को कुल 270 घंटे की खास ट्रेनिंग दी जाएगी। इस दौरान केवल किताबी ज्ञान नहीं मिलेगा, बल्कि कंप्यूटर चलाने, डिजिटल कामकाज संभालने, बातचीत के तौर-तरीके सुधारने और सामान्य अंग्रेजी बोलने का अभ्यास कराया जाएगा। इसके अलावा युवाओं को नौकरी के लिए तैयार करने और काम की जगह पर सीधे ट्रेनिंग (ऑन जॉब ट्रेनिंग) की सुविधा भी मिलेगी। यह पूरा सिलेबस भारत सरकार के राष्ट्रीय कौशल योग्यता रूपरेखा (एनएसक्यूएफ) के नियमों के अनुसार तैयार किया गया है, जिससे इसका सर्टिफिकेट पूरे देश में मान्य होगा।
15 से 28 साल के युवाओं को मिलेगा मौका
योजना का फायदा 15 से लेकर 28 साल तक के युवा उठा सकेंगे। इसके साथ ही आरक्षित और विशेष वर्ग के युवाओं को सरकारी नियमों के तहत उम्र में अतिरिक्त छूट भी दी जाएगी। सरकार की कोशिश है कि गांव-कस्बों के युवा भी आधुनिक तकनीक सीखें ताकि वे या तो अच्छी कंपनी में नौकरी पा सकें या फिर खुद का छोटा-मोटा काम और डिजिटल सेवा केंद्र शुरू कर सकें।
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