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Patna : भागलपुर का खरीक प्रखंड। नदियों का उफान ऐसा कि लग रहा था तटबंध अब टूटा कि तब टूटा। स्थानीय लोगों के दिलों में दहशत थी और पानी की हर उठती लहर के साथ खतरा बढ़ता जा रहा था। ऐसी कठिन स्थिति में जब सब कुछ नामुमकिन सा नजर आ रहा था, तब जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों ने हार नहीं मानी। दिन देखा न रात, कीचड़ और तेज बहाव के बीच डटे रहे और आखिरकार तटबंध को बचाकर सैकड़ों जिंदगियों को सुरक्षित कर लिया। जब काम पूरा हुआ, तो स्थानीय लोगों के चेहरे की राहत ही इन इंजीनियरों का सबसे बड़ा इनाम बनी।
इन्हीं जांबाज और लगनशील इंजीनियरों की मेहनत को सलाम करने के लिए मंगलवार को पटना के सिंचाई भवन स्थित सभागार में अभियंता दिवस समारोह सजाया गया था। मौका था भारत के महान इंजीनियर सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती का। जल संसाधन विभाग द्वारा आयोजित इस खास कार्यक्रम की शुरुआत उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी और विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने दीप जलाकर और सर विश्वेश्वरैया के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करके की। इस मौके पर वर्ष 2025-26 के दौरान अपनी काबिलियत का लोहा मनवाने वाले विभाग के 9 अभियंताओं को मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

काम ऐसा करो कि आने वाली पीढ़ियां भी याद रखें : डिप्टी सीएम
समारोह में जब डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी मंच पर आए, तो उन्होंने सर विश्वेश्वरैया के दूरदर्शी कामों को याद किया। उन्होंने कहा कि सर विश्वेश्वरैया ने जल प्रबंधन के क्षेत्र में जो लकीर खींची है, वह आज भी हम सभी का मार्गदर्शन करती है। उन्होंने वहां मौजूद तमाम अभियंताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि एक इंजीनियर की असली पहचान सिर्फ उसके पास मौजूद डिग्री या तकनीकी ज्ञान से नहीं होती। उसकी असली पहचान इस बात से बनती है कि उसके काम का नतीजा क्या निकला, संकट के वक्त उसका व्यवहार कैसा रहा और उसने आम जनता से कितना जुड़ाव बनाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थानीय लोगों के साथ बेहतर तालमेल और संवाद रखकर ही ऐसे काम किए जा सकते हैं, जो इतिहास बन जाएं और जिन्हें आने वाली पीढ़ियां गर्व से याद रखें।

बदलते मौसम की नई चुनौतियां और पानी का भविष्य
समारोह को संबोधित करते हुए विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बाढ़ जैसी भयानक परिस्थितियों में रात-दिन एक करने वाले इंजीनियरों की जमकर तारीफ की। इसके साथ ही उन्होंने भविष्य की ओर ध्यान खींचते हुए एक अहम बात कही। उन्होंने आगाह किया कि जिस तरह से जलवायु में बदलाव आ रहा है, उससे बारिश का पैटर्न बदल चुका है। नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है और दूसरी तरफ पीने और उद्योगों के लिए पानी की मांग भी लगातार बढ़ रही है। आने वाले दिनों में यह चुनौतियां और बड़ी होने वाली हैं। ऐसे में हमारे इंजीनियरों को अपनी तकनीकी सोच को और मजबूत करना होगा ताकि जल सुरक्षा और बेहतर जल प्रबंधन के जरिए हम हर परिस्थिति से निपट सकें।
इन जांबाज इंजीनियरों के सिर सजा सम्मान का ताज
कार्यक्रम के अंत में उन 9 चेहरे को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी मेहनत और सूझबूझ से विभाग का मान बढ़ाया। इनमें चन्द्र शेखर कुमार, शाहिद कमाल, इफ्तेखार इमाम, विजय रंजन, सूरज कुमार, अनिल कुमार, प्रशांत कुमार, किरण कुमारी और अमरेन्द्र कुमार शामिल हैं। समारोह में स्वागत संबोधन अभियंता प्रमुख वरुण कुमार ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन परामर्शी आई.सी. ठाकुर ने किया। इस खास मौके पर विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर मौजूद रहे।
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