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Ranchi : अगर बैंक से जुड़ा कोई भी जरूरी काम अटका है, तो उसे तुरंत निपटा लीजिए। 26 से 30 सितंबर तक लगातार पांच दिनों तक बैंक शाखाओं में ताले लटके रहेंगे। महीने के आखिर में इतने लंबे समय तक बैंकों के बंद रहने से आम जनता के साथ-साथ व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है। 26 सितंबर को महीने का चौथा शनिवार होने और 27 सितंबर को रविवार की साप्ताहिक छुट्टी के कारण शाखाएं बंद रहेंगी। इसके बाद यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों ने 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल पर जाने का फैसला किया है।
कारोबारी लेनदेन पर पड़ेगा सीधा असर
जिले भर की करीब 54 बैंक शाखाओं में पांच दिनों तक सन्नाटा पसरा रहेगा। इस लंबी छुट्टी और हड़ताल की वजह से नकदी जमा करने, शाखा से निकासी, पासबुक अपडेट, केवाईसी और लोन पास कराने जैसे काम पूरी तरह अटक जाएंगे। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे दुकानदारों, थोक व्यापारियों और स्थानीय कारोबारियों को झेलनी पड़ सकती है। चेक क्लियरेंस का पहिया थमने से व्यापारियों की वर्किंग कैपिटल फंस जाएगी, जिससे बाजार में नकदी के प्रवाह पर गहरा असर पड़ेगा।

एटीएम पर बढ़ेगा दबाव, डिजिटल सेवाएं सहारा
शाखाएं बंद रहने के दौरान यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग जैसी ऑनलाइन सुविधाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी। इसलिए रोजमर्रा के छोटे-मोटे डिजिटल भुगतान में कोई दिक्कत नहीं आएगी। हालांकि, जिन लोगों को सीधे नकद पैसों की जरूरत होगी, उन्हें परेशानी उठानी पड़ सकती है। लगातार पांच दिन बैंक बंद रहने से शहर और कस्बों के एटीएम पर लोगों की भीड़ बढ़ेगी और नकदी की किल्लत होने से कई मशीनों के खाली होने की आशंका भी बढ़ गई है।
पांच दिन काम की मांग पर अड़े कर्मचारी
बैंक यूनियनों की यह हड़ताल हफ्ते में पांच दिन बैंकिंग लागू कराने की मांग को लेकर हो रही है। यूनियन नेताओं का कहना है कि 12वें द्विपक्षीय समझौते के तहत वे हर दिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने के लिए तैयार हैं। इस फार्मूले पर भारतीय रिजर्व बैंक ने भी अपनी सहमति दे दी थी, लेकिन पिछले करीब दो साल से यह फाइल केंद्र सरकार के पास अटकी हुई है। कर्मचारियों का साफ कहना है कि अगर सरकार ने अब भी उनकी बात नहीं मानी, तो वे 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
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