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Gorakhpur : सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि साल 2017 से पहले पूरे प्रदेश में गुंडों और शोहदों का राज था। उस समय हालात इतने खराब थे कि लोग कहने लगे थे, ‘देख सपाई, बिटिया घबराई।’ माता-पिता अपनी बेटियों को स्कूल-कॉलेज भेजने से डरते थे। कई जिलों में बेटियों की पढ़ाई तक छूट जाती थी। तत्कालीन सत्ता के संरक्षण में पल रहे अराजक तत्व बहन-बेटियों को सरेराह तंग करते थे और जमीन पर कब्जे होते थे। लेकिन आज पूरे उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल चुकी है। राज्य अब कर्फ्यू, दंगों, रंगदारी, खौफ और अवैध कब्जों से पूरी तरह मुक्त हो चुका है।
सीएम योगी गोरखपुर के चरगांवा में कृषि विभाग के बीज गोदाम के पास नवनिर्मित राजकीय महिला शरणालय का लोकार्पण करने पहुंचे थे। करीब 8 करोड़ 5 लाख रुपये की लागत से बने इस 100 बेड वाले आधुनिक शरणालय का फीता काटने के बाद उन्होंने कहा कि अब किसी भी बेसहारा बेटी, घरेलू हिंसा से पीड़ित महिला या बुजुर्ग को दर-दर की ठोकर नहीं खानी पड़ेगी। सरकार उनका मजबूत संबल बनेगी और उनके सम्मान, सुरक्षा व स्वावलंबन के लिए हर कदम पर साथ खड़ी रहेगी।
रोजगार पर विपक्ष को दो टूक जवाब
विपक्ष और खासतौर पर समाजवादी पार्टी पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग चाहे जितनी बयानबाजी कर लें, वे आंकड़े गिनते-गिनते थक जाएंगे, लेकिन हमारी सरकार उत्तर प्रदेश के युवाओं को सरकारी नौकरियां देते-देते कभी नहीं थकेगी। मिशन रोजगार के तहत अब तक साढ़े नौ लाख से ज्यादा युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और यह सिलसिला बिना रुके आगे भी जारी रहेगा।
सीएम ने बताया कि केवल सरकारी नौकरियां ही नहीं, बल्कि स्वरोजगार के क्षेत्र में भी प्रदेश ने लंबी छलांग लगाई है। आज यूपी में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां काम कर रही हैं, जिनके जरिए तीन करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं। इनमें से कई इकाइयों की कमान महिलाएं संभाल रही हैं। प्रदेश में 24 हजार से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप खड़े हो चुके हैं, जिसका नतीजा यह है कि आज का युवा केवल नौकरी मांगने वाला नहीं रहा, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला बन गया है।

जन्म से लेकर शादी तक बेटियों के साथ खड़ी है सरकार
सीएम योगी ने कहा कि आधी आबादी के सशक्तिकरण के बिना किसी भी समाज का विकास संभव नहीं है। प्रदेश सरकार बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई, सुरक्षा, शादी और आत्मनिर्भर बनने तक हर मोड़ पर आर्थिक और सामाजिक मदद पहुंचा रही है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के जरिए बेटी के जन्म से लेकर उसके स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25 हजार रुपये की आर्थिक मदद सीधे दी जा रही है। वहीं गरीब बेटियों की शादी के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रति जोड़ा एक लाख रुपये की व्यवस्था की गई है।
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के 1.60 करोड़ बच्चों को बैग, किताबें, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और स्वेटर खरीदने के लिए सीधे सहायता दी जा रही है। करीब 1.10 करोड़ गरीब परिवारों को सालाना 12 हजार रुपये की पेंशन और 65 लाख से ज्यादा बेघर लोगों को पक्के मकान दिए जा चुके हैं। सीएम ने कहा कि जब जनता सही और नेक नीयत वाली सरकार चुनती है, तो जमीनी स्तर पर ऐसे ही ठोस परिणाम देखने को मिलते हैं। आज लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बीसी सखी बनकर गांव-गांव की महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं।

बेसहारा महिलाओं का नया बसेरा और संक्रामक बीमारियों पर अंकुश
सीएम ने कहा कि कई बार घरेलू कलह, प्रताड़ना या भटक जाने के कारण महिलाएं अपनों से बिछड़ जाती हैं। ऐसे समय में यह 100 बेड का शरणालय उनके लिए सुरक्षित आशियाना बनेगा। उन्होंने शरणालय में मौजूद एक मूकबधिर बुजुर्ग महिला का उदाहरण देते हुए कहा कि जो अपने घर का पता नहीं बता सकतीं, सरकार उनकी संरक्षक बनती है और कोशिश करती है कि उन्हें उनके सही परिजनों तक सुरक्षित पहुंचाया जा सके। उन्होंने महिला कल्याण विभाग के अफसरों को निर्देश दिया कि यहां रहने वाली किसी भी महिला को भोजन, इलाज या सुरक्षा में कोई कमी महसूस नहीं होनी चाहिए।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य के बदले हालात की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले इंसेफेलाइटिस जैसी जानलेवा बीमारी हर साल सैकड़ों मासूम बच्चों को लील जाती थी। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ही हर साल औसतन 500 से ज्यादा बच्चों की असमय मौत होती थी। सरकार ने सुनियोजित तरीके से काम किया और आज इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों का आंकड़ा शून्य पर आ चुका है। सड़कों और कनेक्टिविटी के सुधार पर उन्होंने कहा कि आज वाराणसी से गोरखपुर की दूरी महज ढाई घंटे में तय हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान सीएम ने वामन जयंती की बधाई दी और कोरोना काल में निराश्रित हुए बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत अपने हाथों से लैपटॉप बांटे। उन्होंने अक्षिता गुप्ता, पलक चौहान, दीपिका, प्रियांशी यादव, उमरा अंजुम, आयुषी यादव, सुधीर कुमार, प्रियांशु यादव, अनीश कुमार सिंह और रुद्र प्रताप रंजन को लैपटॉप दिए और बच्चों को मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस योजना के तहत ऐसे बच्चों को हर महीने 4 हजार रुपये की मदद भी दी जा रही है।
सीएम योगी के राज में पस्त हुए माफिया और दबंगों के हौसले : रवि किशन
कार्यक्रम में सांसद रवि किशन शुक्ल ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में कानून का राज स्थापित हुआ है, जिससे माफिया और दबंगों के हौसले पस्त हुए हैं। पिपराइच विधायक महेंद्रपाल सिंह ने कहा कि यूपी अब बीमारू राज्य से निकलकर उत्तम प्रदेश बन चुका है। शरणालय का लोकार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया, वहां रह रहीं महिलाओं से बातचीत की और परिसर में पौधरोपण किया। इससे पहले उन्होंने करीब 14 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से बन रहे 100 बालकों की क्षमता वाले राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) के निर्माण कार्यों का भी जायजा लिया और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए।
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