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Bokaro : बोकारो के चास प्रखंड के कुमारदागा गांव में रहने वाले करीब 300 परिवारों के लिए पानी की बूंद-बूंद जुटाना किसी जंग जीतने जैसा हो गया था। गांव के बजरंगबली मंदिर के ठीक सामने लगा सोलर जलमीनार पिछले छह महीने से सफेद हाथी बना खड़ा था। नलों से पानी आना पूरी तरह बंद था और लोग दूर-दराज के कुओं और हैंडपंपों के चक्कर काटने को मजबूर थे। ग्रामीणों का यह दर्द आखिरकार सामाजिक कार्यकर्ता ब्यूटी मंडल तक पहुंचा। उनकी लगातार कोशिशों और सोशल मीडिया पर छेड़ी गई मुहिम का बड़ा असर देखने को मिला है। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझा और आनन-फानन में तकनीकी टीम भेजकर खराब पड़े जलमीनार और चापाकल को चालू करवा दिया। अब गांव में पानी की आपूर्ति फिर से शुरू हो गई है।
300 परिवारों के सामने खड़ा हो गया था जल संकट
कुमारदागा गांव में बजरंगबली मंदिर के पास लगी यह जलमीनार सैकड़ों लोगों की प्यास बुझाने का मुख्य जरिया थी। छह महीने पहले जब यह खराब हुई, तो ग्रामीणों को लगा कि कुछ ही दिनों में मरम्मत हो जाएगी। लेकिन दिन बीतते-बीतते महीनों गुजर गए और सरकारी दफ्तरों से सिर्फ आश्वासन ही मिलते रहे। हालात ऐसे बन गए कि महिलाओं और बच्चों को रोजमर्रा के कामों और पीने के पानी के लिए कड़ी धूप में भटकना पड़ता था। गांव के बुजुर्गों का कहना था कि कई बार स्थानीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन किसी भी अधिकारी ने सुध नहीं ली।
सोशल मीडिया पर अफसरों को जगाया, तब दौड़ी तकनीकी टीम
ग्रामीणों की इस परेशानी को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता ब्यूटी मंडल आगे आईं। उन्होंने इस जमीनी समस्या को सीधे हुक्मरानों तक पहुंचाने की ठानी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कुमारदागा के हालात बयां करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और बोकारो उपायुक्त को सीधे टैग किया। उन्होंने पोस्ट के जरिए साफ शब्दों में लिखा कि छह महीने से सैकड़ों ग्रामीण पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं और प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। इस पोस्ट के सामने आते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। बोकारो जनसंपर्क विभाग ने शिकायत को गंभीरता से लिया और पेयजल विभाग के तकनीकी कर्मचारियों को फौरन मौके पर भेजा। कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर काम किया और जलमीनार के साथ-साथ खराब पड़े चापाकल को भी चालू कर दिया।
चास प्रखंड के कुमारदागा गांव में बजरंगबली मंदिर के सामने #सोलर_जलमीनार पिछले 6 महीने से खराब पड़ा है। 300 परिवारों की दैनिक जलापूर्ति बाधित है और ग्रामीणों को पेयजल के लिए काफी परेशानी हो रही है।@HemantSorenJMM @yourBabulal @AjayNathJha_ @BokaroDc @JharkhandCMO @YogendraGomia https://t.co/pTCOSx5NCf
— Beauty mandal (@MousamMandal9) September 17, 2026
गांव में लौटी खुशी, लोगों ने कहा- अब मिली राहत
जैसे ही जलमीनार से दोबारा पानी की धार फूटी, गांव वालों के चेहरों पर सुकून लौट आया। स्थानीय लोगों ने बताया कि छह महीने बाद अब जाकर उन्हें इस भारी किल्लत से निजात मिली है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर ब्यूटी मंडल ने हिम्मत दिखाकर अफसरों तक उनकी बात नहीं पहुंचाई होती, तो शायद यह समस्या अभी और लंबी खिंचती। ग्रामीणों ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन का धन्यवाद किया और इस लड़ाई को मजबूती से लड़ने के लिए ब्यूटी मंडल के प्रति आभार जताया। गांव के लोगों का कहना है कि अब कम से कम पानी के लिए उन्हें इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
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