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News Samvad : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर समय पर पानी पीना भूल जाते हैं। कई लोग तो तब तक पानी नहीं पीते, जब तक उन्हें तेज प्यास न लग जाए। शरीर में पानी की जरूरत पूरी नहीं होने पर डिहाइड्रेशन यानी निर्जलीकरण की स्थिति बन सकती है। इसका असर शरीर के कई हिस्सों पर पड़ता है, लेकिन सिरदर्द इसके शुरुआती और आम लक्षणों में से एक है। खासकर गर्मी में ज्यादा पसीना आने, लंबे समय तक धूप में रहने, जिम में ज्यादा एक्सरसाइज करने या उल्टी-दस्त होने के दौरान शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी तेजी से हो सकती है।
शरीर में पानी कम होते ही दिमाग पर पड़ता है असर
मानव शरीर का बड़ा हिस्सा पानी से बना है और दिमाग के सामान्य कामकाज के लिए शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी होना जरूरी है। जब शरीर में पानी की कमी बढ़ती है तो दिमाग के ऊतकों में भी पानी की मात्रा कम हो सकती है। इससे दिमाग और उसके आसपास मौजूद संवेदनशील हिस्सों पर खिंचाव पैदा हो सकता है, जिसके कारण सिरदर्द महसूस होने लगता है।
डिहाइड्रेशन से होने वाला सिरदर्द कई बार पूरे सिर में दर्द या भारीपन के रूप में महसूस होता है। कुछ लोगों को माथे पर दबाव या भारीपन भी महसूस हो सकता है। यह दर्द उस समय ज्यादा परेशान कर सकता है, जब व्यक्ति लंबे समय तक पानी न पीए या शरीर से ज्यादा मात्रा में पानी पसीने, उल्टी या दस्त के जरिए बाहर निकल जाए।
प्यास के साथ ये लक्षण दिखें तो पानी की कमी हो सकती है
सिरदर्द के साथ अगर बहुत ज्यादा प्यास लग रही है, मुंह और होंठ सूख रहे हैं, पेशाब का रंग गहरा पीला हो गया है या चक्कर और कमजोरी महसूस हो रही है, तो शरीर में पानी की कमी की आशंका हो सकती है। कुछ मामलों में आंखें धंसी हुई नजर आ सकती हैं और व्यक्ति को काफी थकान महसूस हो सकती है।
ऐसी स्थिति में सबसे पहले शरीर में पानी और जरूरी तरल पदार्थों की कमी को पूरा करना जरूरी है। सामान्य स्थिति में पर्याप्त पानी पीना मददगार हो सकता है। ज्यादा पसीना आने या उल्टी-दस्त की स्थिति में डॉक्टर की सलाह के अनुसार ओआरएस का घोल लिया जा सकता है। नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थ भी शरीर में पानी की कमी पूरी करने में मदद कर सकते हैं।
पानी पीने के बाद भी सिरदर्द रहे तो इसे नजरअंदाज न करें
पानी की कमी से हुआ सिरदर्द शरीर में तरल पदार्थ की कमी पूरी होने के बाद धीरे-धीरे कम हो सकता है। लेकिन हर सिरदर्द की वजह डिहाइड्रेशन नहीं होती। अगर कोई व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी पी रहा है और इसके बावजूद लगातार या बार-बार सिरदर्द हो रहा है, तो इसे केवल पानी की कमी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
लगातार सिरदर्द माइग्रेन, ब्लड प्रेशर या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से भी जुड़ा हो सकता है। इसलिए बार-बार सिरदर्द होने पर डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है। खासकर अगर सिरदर्द बहुत तेज हो, अचानक शुरू हुआ हो या इसके साथ उल्टी, बेहोशी, कमजोरी, बोलने में परेशानी या नजर धुंधली होने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।
गर्मी या ज्यादा मेहनत वाले दिनों में प्यास लगने का इंतजार करने के बजाय नियमित अंतराल पर पानी पीना अच्छी आदत है। बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखना और ज्यादा पसीना आने की स्थिति में शरीर में तरल पदार्थों की कमी पूरी करना डिहाइड्रेशन से बचने का आसान तरीका है।
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