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Patna/Munger : बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ EOU यानी आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में EOU की टीम ने योजना एवं विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता नारद कुमार दास के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ा एक्शन लिया है। टीम ने एक साथ उनके मुंगेर, मुजफ्फरपुर, पटना और भागलपुर स्थित पांच अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान टीम को 52 लाख 20 हजार रुपये नकद और 30 लाख रुपये से अधिक के सोने-चांदी के गहने मिले हैं। नोटों की गड्डियां इतनी ज्यादा थीं कि गिनती के लिए बैंक से विशेष रूप से कैश काउंटिंग मशीन मंगवानी पड़ी। जांच एजेंसी के मुताबिक, इंजीनियर के पास से अब तक 83 लाख 53 हजार रुपये से ज्यादा की अवैध संपत्ति सामने आ चुकी है, जो उनकी वैध आमदनी से करीब 65 फीसदी अधिक है।
फ्लैट में छिपाकर रखे थे 50 लाख, मुंगेर के किराये के घर से मिले जेवर
छापेमारी के दौरान टीम जब मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर स्थित राधिका अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 2एफ में पहुंची, तो वहां से 50 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद हुए। वहीं, मुंगेर के बेलन बाजार बंगाली टोला स्थित उनके किराये के मकान की तलाशी में 1 लाख 70 हजार रुपये कैश और करीब 30 लाख रुपये के गहने मिले। इसके अलावा उनके मुंगेर वाले घर से एक आई10 स्पोर्ट्स कार, बाइक और भारी मात्रा में आभूषण खरीदने की पक्की रसीदें भी जब्त की गईं। भागलपुर के तिलकामांझी स्थित पैतृक घर से जमीन की खरीद-बिक्री के दस्तावेज और 5 लाख के गहनों की रसीदें मिली हैं। टीम ने विभिन्न बैंकों के चार पासबुक और चेकबुक जब्त कर खातों में जमा 17 लाख 15 हजार रुपये को फ्रीज करा दिया है। साथ ही कई बीमा पॉलिसियों में निवेश के कागजात भी कब्जे में लिए गए हैं।
काली कमाई खपाने का खेल… पत्नी के खाते से घुमाकर सास के नाम खरीदी जमीन
ईओयू की पड़ताल में काली कमाई को सफेद करने का एक चौंकाने वाला तरीका भी सामने आया है। इंजीनियर ने इसी साल अपनी सास बीना विद्यार्थी के नाम पर पटना के रूपसपुर स्थित कुसुमपुरम मोहल्ले में 3.9 डिसमिल जमीन खरीदी थी, जिसकी चारदीवारी भी करा दी गई है। इस जमीन में 50 लाख रुपये का सीधा निवेश किया गया, जबकि इसका सरकारी निबंधन मूल्य 68 लाख 41 हजार रुपये और मौजूदा बाजार भाव करीब डेढ़ करोड़ रुपये आंका गया है। जांच में खुलासा हुआ कि पैसे के स्रोत को छिपाने के लिए इंजीनियर की पत्नी के खाते से कई अन्य बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कर लेयरिंग की गई थी।
नारद कुमार दास ने साल 2014 में जल संसाधन विभाग में सहायक अभियंता के पद से सरकारी सेवा शुरू की थी। वर्तमान में वे प्रतिनियुक्ति पर योजना एवं विकास विभाग के मुंगेर प्रमंडल में तैनात थे। अधिकारियों का कहना है कि अभी सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच चल रही है और आने वाले दिनों में इनकी बेनामी संपत्तियों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
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