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Lucknow : सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के आला अफसरों को दो टूक कह दिया है कि विकास और औद्योगिक प्रोजेक्ट्स केवल फाइलों और दफ्तरों की बैठकों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। वे गुरुवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के तहत सीएम समीक्षा की 8वीं उच्चस्तरीय बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि चाहे शासन में बैठे अपर मुख्य सचिव हों या जिलों में तैनात डीएम, सभी अफसर फील्ड में उतरें। जमीन अधिग्रहण, टेंडर और विभागों के आपसी तालमेल की अड़चनों को फौरन दूर कर काम की रफ्तार बढ़ाई जाए।
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे का टेंडर इसी महीने, लॉजिस्टिक हब को मिली रफ्तार
समीक्षा बैठक में एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक प्रोजेक्ट्स का ब्योरा रखा गया। अफसरों ने सीएम को बताया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए चार टेंडर आ चुके हैं और इसी अक्टूबर में प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा फर्रुखाबाद, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 80 से 91 फीसदी तक जमीन का इंतजाम हो चुका है। मेरठ-हरिद्वार, विंध्य और विंध्य-पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे के लिए सत्यापन का काम पूरा हो गया है और जमीन अधिग्रहण तेजी से आगे बढ़ रहा है। ग्रेटर नोएडा में बन रहे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए भी तय 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर जमीन कब्जे में आ चुकी है। कामकाजी महिलाओं की मदद के लिए बन रहे हॉस्टलों के काम में तेजी लाने और उनके बेहतर संचालन के लिए नई नीति बनाने के निर्देश भी दिए गए।
9 लाख परिवारों को मिलेंगे आवास, बारिश के बाद बिजली व्यवस्था सुधारें
जीरो पावर्टी अभियान को लेकर सीएम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सिर्फ गरीब परिवारों की लिस्ट बना लेने से काम नहीं चलेगा, हर पात्र को सरकारी योजना का सीधा लाभ मिलना चाहिए। बैठक में सामने आया कि चुने गए 12.50 लाख परिवारों में से करीब 9 लाख परिवार आवास के हकदार हैं, जिनमें से 30 हजार से ज्यादा के आवास मंजूर हो चुके हैं। बाकी परिवारों को आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और रोजगार से जोड़ा जा रहा है। हाल ही में हुई तेज बारिश से बिगड़ी बिजली व्यवस्था पर सीएम ने कहा कि जहां भी फॉल्ट है, तुरंत ठीक किया जाए। बिजली का टोल फ्री नंबर चौबीसों घंटे चालू रहे ताकि लोग परेशान न हों। गलत बिजली बिल और बिजली चोरी रोकने के लिए हर फीडर का ऑडिट कराने को कहा गया है।
मंडियों में कीचड़ बर्दाश्त नहीं, 11 हजार गांवों में शुरू हुईं डिजिटल लाइब्रेरी
किसानों की दिक्कतों पर बात करते हुए सीएम ने निर्देश दिए कि प्रदेश की अनाज मंडियों में साफ-सफाई पुख्ता हो और बारिश का पानी न भरे। किसानों को अपनी फसल बेचने में कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और होटलों में फायर सेफ्टी एनओसी की समय पर जांच करने के सख्त निर्देश दिए गए। पीडब्ल्यूडी की 50 करोड़ से ज्यादा बजट वाली 279 परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने का आदेश दिया गया है। बैठक में एक अच्छी खबर यह भी आई कि प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में 454 करोड़ की लागत से बन रही डिजिटल लाइब्रेरी में से 99 फीसदी में पढ़ाई शुरू हो चुकी है और नेशनल बुक ट्रस्ट की किताबें भी पहुंच गई हैं। बाकी बचे कंप्यूटर और हार्डवेयर को जल्द लगाकर पूरे सिस्टम की ऑनलाइन मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।
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