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Lucknow : उत्तर प्रदेश को आर्थिक मोर्चे पर नई ऊंचाई देने के लिए सरकार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 5.0 (जीबीसी) की तैयारियों में जुट गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में अफसरों के साथ हाईलेवल मीटिंग कर निवेश प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की। इस सेरेमनी के जरिए प्रदेश के सभी 75 जिलों में 7.55 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश सीधे जमीन पर उतारा जाएगा। सीएम ने अफसरों को साफ निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट्स से जुड़े लैंड अलॉटमेंट, एनओसी और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर के काम तय समय में पूरे किए जाएं, ताकि काम शुरू करने में किसी निवेशक को कोई अड़चन न आए। सीएम ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ प्रोजेक्ट्स शुरू करने का जरिया नहीं है, बल्कि इससे युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुलेंगे और आर्थिक रफ्तार बढ़ेगी।
7 हजार नए प्रोजेक्ट्स, पश्चिमांचल में सबसे ज्यादा 4.75 लाख करोड़ का निवेश
मीटिंग में इन्वेस्ट यूपी की टीम ने सीएम को बताया कि सेरेमनी में करीब 7 हजार प्रोजेक्ट्स शामिल किए जा रहे हैं। इनमें 3500 प्रोजेक्ट्स अलग-अलग विभागों के जरिए, 3500 से अधिक जिले स्तर पर ‘निवेश सारथी’ पोर्टल के जरिए और 100 से ज्यादा बड़े प्रोजेक्ट्स सीधे इन्वेस्ट यूपी के जरिए आ रहे हैं। 1000 करोड़ रुपये से बड़े 90 प्रोजेक्ट्स हैं, जिनकी कुल लागत 4.75 लाख करोड़ रुपये के आसपास है। इलाकों की बात करें तो सबसे बड़ा हिस्सा पश्चिमांचल के खाते में गया है, जहां 4.75 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। पूर्वांचल में 1.2 लाख करोड़, मध्यांचल में 80 हजार करोड़ और बुंदेलखंड में 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के काम शुरू होंगे। सेक्टर्स में सबसे ज्यादा दिलचस्पी डेटा सेंटर, एनर्जी और रियल एस्टेट में दिखी है। डेटा सेंटर में 1.8 लाख करोड़, एनर्जी सेक्टर में 1.15 लाख करोड़ और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में करीब 2.75 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव शामिल हैं।
समय पर मिले इंसेंटिव, पिछली सेरेमनी के 8 हजार प्रोजेक्ट्स चालू
सीएम ने साफ कहा कि किसी भी इन्वेस्टर को सरकारी इंसेंटिव यानी प्रोत्साहन राशि पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो और तय समय सीमा में पात्र निवेशकों के खातों में राशि पहुंचनी चाहिए। मीटिंग में बताया गया कि इससे पहले हुई चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स जमीन पर उतरे थे। इनमें से 8 हजार से ज्यादा प्रोजेक्ट्स में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है, जबकि बाकी 8 हजार पर काम तेजी से चल रहा है। सीएम ने निर्देश दिया कि नए प्रोजेक्ट्स के लिए निवेशकों से लगातार बातचीत रखी जाए और उनकी हर परेशानी प्राथमिकता से सुलझाई जाए।
एक्सप्रेसवे हादसों पर सख्ती : ब्लैक स्पॉट सुधरेंगे, ट्रॉमा सेंटर बनेंगे
निवेश के साथ ही सीएम ने एक्सप्रेसवे पर हो रहे सड़क हादसों पर भी चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को हादसों के तकनीकी और व्यावहारिक कारणों की जांच करने को कहा। कोहरे के समय विजिबिलिटी मैनेजमेंट, ब्लैक स्पॉट्स की पहचान और ओवरस्पीडिंग रोकने के लिए रडार और कैमरों की मदद लेने के निर्देश दिए। टोल प्लाजा पर ड्राइवरों की सतर्कता और गाड़ियों की फिटनेस जांचने की व्यवस्था लागू होगी। सीएम ने यूपीडा, ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट और पुलिस को मिलकर नया सेफ्टी प्लान बनाने और प्राइवेट सेक्टर की मदद से एक्सप्रेसवे के पास ट्रॉमा सेंटर खोलने का एक्शन प्लान तैयार करने का आदेश दिया।
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