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Patna : राजधानी के पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र की सूरत बदलने और व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा) ने कमर कस ली है। शनिवार को बियाडा के प्रबंध निदेशक नवीन कुमार ने पूरे इलाके का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने औद्योगिक इकाइयों, डेटा सेंटर और बुनियादी सुविधाओं की हकीकत देखी। निरीक्षण में सड़कों पर बिखरी गंदगी, बेतरतीब वाहन, अतिक्रमण और अवैध निर्माण देखकर एमडी ने नाराजगी जताई और अफसरों को साफ निर्देश दिया कि सारी लापरवाहियों पर तय समय के भीतर सख्त एक्शन लें।
सड़कों पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं
एमडी ने पाया कि औद्योगिक क्षेत्र के मुख्य रास्तों और अंदरूनी सड़कों पर कई फैक्ट्रियों ने खुले में निर्माण सामग्री डंप कर रखी है, जिससे आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने तुरंत ऐसी निर्माण सामग्री हटवाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने को कहा। इसके अलावा निजी गाड़ियों के बिना रोकटोक आने-जाने पर लगाम लगाने के लिए सभी प्रवेश द्वारों पर एक्सेस कंट्रोल सिस्टम लागू करने का आदेश दिया गया। निरीक्षण के दौरान पॉलिटेक्निक और साईं मंदिर के पास बियाडा की जमीन पर अवैध पार्किंग पकड़ी गई, जिस पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश मिले। वहीं साईं मंदिर संचालक द्वारा बियाडा की जमीन पर अवैध भवन निर्माण की शिकायत पर नोटिस जारी कर कार्रवाई करने को कहा गया है।
गंदगी फैलाने पर कटेगा चालान
औद्योगिक क्षेत्र में पसरे कचरे को देखकर प्रबंध निदेशक ने तुरंत सफाई अभियान चलाने का हुक्म दिया। उन्होंने कहा कि सड़कों के किनारे कचरा फेंकने वाली इकाइयों को पहले माइकिंग और नोटिस के जरिए चेतावनी दी जाए। अगर इसके बाद भी फैक्ट्रियां नहीं सुधरीं, तो उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए उन्होंने बियाडा के इंजीनियरों को निर्देश दिया कि वे लिस्टेड आर्किटेक्ट्स द्वारा पास नक्शे के हिसाब से ही साइट्स की नियमित जांच करें, ताकि कोई भी अवैध निर्माण न खड़ा हो सके।
सड़क खराब छोड़ने पर बुडको से वसूला जाएगा खर्च
निरीक्षण के दौरान सीवर लाइन मरम्मत के नाम पर खोदी गई सड़कों का मुद्दा भी गरमाया। बुडको (बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम) ने काम पूरा होने के बाद भी सड़क को ठीक नहीं कराया था। एमडी ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सड़क को पुरानी स्थिति में लाने का पूरा खर्च बुडको से वसूलने के लिए पत्र भेजने का निर्देश दिया। अपने दौरे में उन्होंने सीटीआरएल-एस, बिहार ट्रेड टॉवर, रवि इंडस्ट्री, रिकॉन इंजीकॉन, यूएनओ डिजिटल, एसएलएमजी बेवरेज और प्रियुस सिस्टम समेत करीब दर्जन भर से ज्यादा कंपनियों के कामकाज का मुआयना किया। कार्यपालक निदेशक (ऑपरेशंस) और संबंधित डीजीएम को निर्देश दिया गया है कि वे जमीन पर दिख रही इन सभी कमियों को समय रहते दुरुस्त करें, ताकि राज्य में उद्योगों के लिए बेहतर और सुरक्षित माहौल बन सके।
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