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Ranchi : राजधानी में पार्किंग के नाम पर मनमाना शुल्क वसूलने और निगम का बकाया दबाकर बैठने वाले ठेकेदारों पर रांची नगर निगम ने शिकंजा कस दिया है। शहर के 54 पार्किंग स्थलों की व्यवस्था सुधारने और आम लोगों को राहत देने के मकसद से निगम प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मंगलवार को अपर नगर आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में बाजार शाखा के अधिकारियों और पार्किंग संवेदकों के साथ एक अहम बैठक हुई। बैठक में सामने आया कि शहर के कई बड़े इलाकों के ठेकेदारों ने निगम को तय बंदोबस्ती की राशि ही नहीं दी है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए निगम ने ऐसे सभी संवेदकों को 10 दिनों के भीतर पूरा बकाया चुकता करने का अल्टीमेटम दिया है। साफ कह दिया गया है कि तय समय में पैसे जमा नहीं कराए तो ठेका रद्द कर दिया जाएगा।
कांके रोड से मेन रोड तक के संवेदक रडार पर
समीक्षा बैठक में कांके रोड स्थित एजॉर्ट व पैंटालूंस के सामने, जयपाल सिंह स्टेडियम के पास, विशाल मेगा मार्ट, रोशपा टावर, मधुकम और गैलेक्सिया मॉल की पार्किंग चला रहे संवेदकों द्वारा बकाया नहीं दिए जाने की बात खुली। बैठक खत्म होते ही अपर नगर आयुक्त खुद जमीन पर हकीकत देखने निकल पड़े। उन्होंने मेन रोड स्थित डेली मार्केट टैक्सी स्टैंड, चर्च कॉम्प्लेक्स, रोशपा टावर और जयपाल सिंह स्टेडियम के बाहर चल रही पार्किंग का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पर्ची काटने के तरीके, पार्किंग के रख-रखाव और ठेकेदारों के काम करने के तौर-तरीकों की बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण के दौरान नगर प्रबंधक और बाजार शाखा के अधिकारी भी मौजूद रहे।
10 मिनट की पार्किंग एकदम मुफ्त, वीकेंड पर शुल्क में 50 फीसदी की छूट
अपर नगर आयुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि हर पार्किंग स्थल पर बड़े अक्षरों में रेट चार्ट का बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा, जिसमें ठेकेदार का नाम और फोन नंबर भी दर्ज हो। शहर में पार्किंग की दरें तय हैं, जिसके तहत दोपहिया वाहनों से 3 घंटे के लिए 10 रुपए और चारपहिया वाहनों से 3 घंटे के लिए 30 रुपए ही लिए जा सकते हैं। किसी भी वाहन चालक से पहले 10 मिनट तक रुकने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा शनिवार, रविवार और राष्ट्रीय अवकाश के दिन आम जनता को राहत देते हुए तय दरों पर 50 प्रतिशत की छूट का नियम लागू है। ठेकेदारों को हिदायत दी गई है कि वे वाहन चालकों के साथ शालीनता से पेश आएं और तय रेट से एक भी रुपया ज्यादा न लें।
ज्यादा वसूली या फर्जी पर्ची देने पर होगी सीधी कार्रवाई, बनेगा जांच का रोस्टर
निगम ने साफ कर दिया है कि तय सीमा से अधिक पैसे ऐंठना, हाथ से लिखी गलत रसीद थमाना या अवैध वसूली करना सीधे तौर पर बर्दाश्त नहीं होगा। पार्किंग के नाम पर अनाधिकृत वेंडिंग कराने वालों पर भी कानूनी डंडा चलेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी 54 पार्किंग स्थलों की नियमित जांच के लिए एक रोस्टर तैयार करें, ताकि औचक चेकिंग लगातार चलती रहे। प्रशासन का कहना है कि शहरवासियों को बिना झंझट के सुरक्षित पार्किंग दिलाना और निगम के राजस्व की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है। अगर किसी ठेकेदार ने नियमों की अनदेखी की, तो बिना किसी रियायत के उसका लाइसेंस निरस्त कर काली सूची में डाल दिया जाएगा।
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