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Ranchi : तूफान ‘अर्नब’ के असर से आज यानी गुरुवार को झारखंड के छह जिलों में आफत की बारिश होने के पूरे आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। तूफान के खतरे और लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। रांची और जमशेदपुर समेत कई जिलों में आज सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी कर दिया गया है।
राजधानी समेत कई इलाकों में यलो अलर्ट, विमानों की आवाजाही पर भी असर
गुरुवार सुबह से ही राजधानी रांची, खूंटी, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम में घने बादल छाए हुए हैं। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। यहां बारिश के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। रांची में बुधवार रात से ही तेज हवाओं के साथ रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन बेपटरी हो गया है। बादलों और घनी धुंध के चलते शहर में विजिबिलिटी काफी गिर गई, जिससे शाम को ही अंधेरा छा गया। इसका सीधा असर हवाई यातायात पर पड़ा है और मुंबई, दिल्ली तथा बेंगलुरु से रांची आने वाली छह से ज्यादा उड़ानें डेढ़ से दो घंटे की देरी से पहुंचीं।
नीमडीह में सबसे ज्यादा 50 मिमी पानी बरसा, दिन में ही महसूस होने लगी ठंड
बीते 24 घंटों के दौरान सरायकेला का नीमडीह सबसे ज्यादा भीगा, जहां करीब 50 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। चांडिल, घाटशिला, धालभूमगढ़, नामकुम, जमशेदपुर और रांची के शहरी इलाकों में भी झमाझम बारिश दर्ज हुई। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने तापमान को अचानक नीचे गिरा दिया है। रांची का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 4 डिग्री नीचे गिरकर 24.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। वहीं लातेहार में पारा 8.6 डिग्री लुढ़ककर 21.4 डिग्री पर आ गया। अचानक आई इस गिरावट से लोगों को दिन में ही सिहरन और हल्की ठंड का अहसास होने लगा है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम, 2 नवंबर तक नहीं मिलेगी राहत
अगर आपको लग रहा है कि गुरुवार के बाद मौसम साफ हो जाएगा, तो ऐसा नहीं है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में एक और नया लो प्रेशर एरिया यानी कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। इसका असर 30 अक्टूबर के बाद सीधे झारखंड पर दिखेगा। इसके चलते राज्यभर में 2 नवंबर तक बादल छाए रहने, मध्यम बारिश होने और वज्रपात की पूरी संभावना है। मौसम विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि तेज हवा और बादलों की गर्जना के दौरान पक्के मकानों में रहें और खुले मैदानों या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न जाएं।
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