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Hazaribagh (Dharmendra Pradhan) : हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र स्थित उरीमारी ओपी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कुख्यात राहुल दुबे गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को चार जिंदा कारतूस और बाइक के साथ रंगे हाथ दबोच लिया है। पकड़ा गया युवक किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की नीयत से इलाके में दाखिल हो रहा था। पुलिस की मुस्तैदी से एक संभावित अप्रिय घटना टल गई।
हजारीबाग एसपी अमन कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि राहुल दुबे गिरोह से जुड़ा एक अपराधी बाइक से गिद्दी टेहरा टांड के रास्ते उरीमारी की तरफ आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस एक्शन में आ गई। आननफानन में बड़कागांव के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद (भापुसे) की अगुवाई में एक विशेष छापामारी टीम तैयार की गई। टीम ने बिना वक्त गंवाए गरसुल्ला और उरीमारी-गिद्दी बॉर्डर पुलिया के पास मोर्चा संभाल लिया और आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी।
पूछताछ में घबराया, तलाशी में निकली गोलियां
नाकेबंदी के दौरान टीम को एक संदिग्ध बाइक सवार आता दिखा। जवानों ने तेजी दिखाते हुए उसे तुरंत घेरकर रोक लिया। पुलिस को सामने देख युवक बुरी तरह घबरा गया। जब उससे रात के वक्त उरीमारी आने की वजह पूछी गई, तो वह बहाने बनाने लगा और कोई सीधा जवाब नहीं दे सका। कड़ाई से नाम-पता पूछने पर उसने अपनी पहचान रामगढ़ कैंट के गोलपार निवासी 25 वर्षीय निर्मल पंडित उर्फ सुमित, पिता कैलाश पंडित के रूप में बताई। शक गहराने पर जब जवानों ने उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से 7.62 एमएम की चार जिंदा गोलियां और एक मोबाइल फोन मिला। इसके बाद पुलिस ने वहीं पर उसकी बाइक, गोलियां और मोबाइल जब्त कर उसे हिरासत में ले लिया।
मोबाइल में मिले हथियार वाले फोटो, कुबूला जुर्म
जांच के दौरान जब पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की जांच की, तो प्राइवेसी सेटिंग्स के अंदर छुपाकर रखी गईं कई तस्वीरें सामने आईं। इन तस्वीरों में आरोपी पिस्टल हाथ में लेकर अलग-अलग पोज दे रहा था। पुलिस ने इन सभी तस्वीरों को ई-साक्ष्य के रूप में दर्ज कर लिया है। थाने लाकर जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह राहुल दुबे गिरोह का सक्रिय सदस्य है और उरीमारी इलाके में किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने ही आया था।
इस मामले में पुलिस ने बड़कागांव (उरीमारी) थाने में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। इस सफल अभियान में एसडीपीओ अमित आनंद, इंस्पेक्टर मो. शाहिद रजा, उरीमारी ओपी प्रभारी रथु उरांव, सब-इंस्पेक्टर संजय खल्खो, एएसआई संजय यादव, विनोद राम और ओपी के रिजर्व गार्ड के जवान शामिल रहे।
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