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Patna/Ghaziabad : हवा में घुली अदृश्य जहरीली गैस, चारों तरफ फैला खतरनाक रेडिएशन का डर और सिर पर टिक-टिक करती घड़ी की सुइयां। किसी भी आम इंसान के रोंगटे खड़े करने के लिए यह मंजर काफी है, लेकिन बिहार राज्य आपदा मोचन बल यानी SDRF के जांबाजों के चेहरे पर शिकन तक नहीं थी। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दो से चार नवंबर तक कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां देश भर से आई आपदा प्रबंधन टीमों के बीच मुकाबला चल रहा था। मौका था दूसरी नेशनल केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल एंड न्यूक्लियर यानी CBRN प्रतियोगिता का। इस बेहद कठिन और सांस रोक देने वाले मुकाबले में बिहार के जांबाजों ने अपनी तकनीकी सूझबूझ और अदम्य हौसले के दम पर तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक अपने नाम कर लिया।
पलक झपकते ही तय होना था जिंदगी और मौत का फैसला
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का मकसद सिर्फ पदक जीतना नहीं, बल्कि यह देखना था कि जब सचमुच कोई परमाणु, जैविक या रासायनिक आपदा आएगी, तब हमारी टीमें कितनी तेजी से काम करेंगी। मैदान में ऐसे हालात बनाए गए थे जहां जरा सी चूक का मतलब भारी तबाही हो सकता था। भारी भरकम सुरक्षा सूट, पीठ पर ऑक्सीजन सिलेंडर और हाथों में आधुनिक जांच उपकरण लिए बिहार के जवानों ने हर चुनौती का डटकर सामना किया। जहरीले रसायनों की पहचान करने से लेकर खतरे के बीच फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने तक, जवानों ने सेकंडों के हिसाब से सटीक फैसले लिए। उनकी इसी फुर्ती और अनुशासन ने वहां मौजूद जजों को भी हैरान कर दिया। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम ने न सिर्फ ब्रॉन्ज मेडल जीता, बल्कि पचास हजार रुपये का नकद पुरस्कार भी हासिल किया।

मेहनत, पसीना और खुद पर अटूट भरोसा लाया रंग
यह कामयाबी रातोंरात नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे महीनों की कड़ी ट्रेनिंग और अनुशासन छिपा है। बाढ़ और आग जैसी आम आपदाओं से इतर सीबीआरएन का खतरा बिल्कुल अलग किस्म का होता है, जहां दुश्मन आंखों से दिखाई नहीं देता। बिहार के इन जवानों ने आधुनिक तकनीकों को गहराई से समझा और अभ्यास के दौरान अपना पसीना बहाया। टीम की इस ऐतिहासिक जीत पर आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा और प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने जवानों की पीठ थपथपाई और बधाई दी। उन्होंने कहा कि जवानों ने यह साबित कर दिया है कि बिहार का आपदा प्रबंधन तंत्र अब सिर्फ बुनियादी राहत कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के सबसे जटिल और घातक संकटों से मोर्चा लेने के लिए भी पूरी तरह तैयार खड़ा है।
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