Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Wednesday, 16 September, 2026 • 05:29 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » विश युद्ध लड़ने को तैयार रूस, तीन तरफ से यूक्रेन को घेरा
दुनिया

विश युद्ध लड़ने को तैयार रूस, तीन तरफ से यूक्रेन को घेरा

February 10, 2022No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

मास्को, 10 फरवरी (स्वदेश टुडे)। रूस-यूक्रेन के बीच तनाव हर दिन बढ़ता ही जा रहा है। अब रूसी युद्धपोत काला सागर से यूक्रेन की तरफ बढ़ रहा है।

इसे भी पढ़ें- इतिहास के पन्नों मेंः जानें आज 10 फरवरी को इतिहास में हुई अहम घटनाएं

auto

रूस की सेना तीन मोर्चो पर यानी रूसी सीमा, बेलारूस और डोनबास से घेरने के बाद अब रूसी युद्धपोत काला सागर में आगे बढ़ रहे हैं।

जल्द ही रूस के छह युद्धपोत यूक्रेन की जल सीमा के नजदीक होंगे। तीन अन्य भी उसी रास्ते पर हैं। इसके बाद यूक्रेन रूसी सेना से पूरी तरह घिर जाएगा।

इसे भी देखें- मौत की कुश्ती: पहलवान का एक दांव और सामने वाली की तुरंत हुई मौत

यह युद्धपोत काला सागर में युद्धाभ्यास करेंगे और यह अभ्यास कितने दिन चलेगा, यह स्पष्ट नहीं किया गया है।

Ukraine Russia Crisis: यूक्रेन सीमा के पास आज बम बरसाने जा रहा रूस, S-400  और सुखोई-35 भी तैनात

रूसी हमला होने की स्थिति में सीमित सैन्य शक्ति वाला यूक्रेन कितनी देर तक रूस की ताकत के आगे टिक पाएगा, इसे लेकर अनुमान लगने शुरू हो गए हैं।

झारखंड के कई जिले में आज होगी बारिश, देखें लिस्ट

विवाद शुरू होने के शुरुआती दिनों में ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अमेरिका समेत पश्चिमी देशों को आगाह कर चुके हैं कि हथियारों के लिहाज से रूस दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है।

इसी बीच युद्ध रोकने के लिए लगातार सक्रिय फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक बार फिर शांति की अपील की है। बर्लिन पहुंचे मैक्रों ने जर्मनी के चांसलर ओलफ शुल्ज से मुलाकात की है।

बर्लिन में जर्मनी के चांसलर और पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रजेज डूडा से बातचीत में मैक्रों ने कहा कि हमारा साझा उद्देश्य यूरोप को युद्ध से बचाना है।

नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) और यूरोपीय यूनियन के दो खास देशों-फ्रांस और जर्मनी की कोशिश है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध न भड़के क्योंकि इससे यूरोप के हित प्रभावित होंगे लेकिन वे पुतिन से इस बाबत कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं ले पाए हैं।

Belarus-Ukraine-Russia-Tens

पुतिन चाहते हैं कि यूक्रेन को नाटो में शामिल न किए जाने का आश्वासन उसे मिले, तब वह अपनी सेनाएं वापस बुलाएगा।

अमेरिका के नेतृत्व वाला नाटो ऐसा कोई आश्वासन नहीं दे रहा। अमेरिका जान रहा है कि यह यह दुनिया की सदारत का मसला है। इसमें अगर वह पीछे हटा तो अपना ताज गंवा देगा। फिर रूस और चीन मिलकर उसके हितों को पर चोट करते जाएंगे। ऐसे में यूरोप अमेरिका और रूस के बीच फंसा है।

इसी बीच नाटो के महासचिव जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने कहा है कि समय जैसे-जैसे गुजरता जा रहा है, वैसे-वैसे रूसी हमले का खतरा बढ़ता जा रहा है।

रूसी हमला होने की स्थिति में यूरोप को होने वाली प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बाधित होने का खतरा है।

अमेरिका के अनुरोध पर जापान ने अपनी गैस यूरोप को भेजने का फैसला किया है। वहीं, पोप फ्रांसिस ने भी रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ रहे तनाव पर एक बार फिर से चिंता जताई है।

क्या है रूस-यूक्रेन विवाद?

गौरतलब है कि 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद यूक्रेन को स्वतंत्रता मिली थी. यूक्रेन यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा देश है. एक तरफ इस देश में बेहद उपजाऊ मैदानी इलाका है, वहीं दूसरी तरफ पूर्व की तरफ इस देश में कई बड़े उद्योग हैं. यूक्रेन के पश्चिमी हिस्से का यूरोपीय पड़ोसियों खासकर पोलैंड से गहरा रिश्ता है. यूक्रेन के पश्चिमी हिस्से में राष्ट्रवाद की भावना प्रबल है. हालांकि यूक्रेन में रूसी भाषा बोलने वाले अल्पसंख्यकों की संख्या भी अच्छी खासी है और ये लोग विकसित पूर्वी इलाके में ज्यादा मौजूद हैं.

साल 2014 में रूस की ओर झुकाव रखने वाले यूक्रेन के राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच के खिलाफ यूक्रेन की सरकार में विद्रोह होने लगा था. रूस ने इस मौके का फायदा उठाया और यूक्रेन में मौजूद क्रीमिया प्रायद्वीप पर कब्जा कर डाला था और यहां मौजूद विद्रोही गुटों ने पूर्वी यूक्रेन के हिस्सों पर कब्जा कर लिया. यूक्रेन में हुए आंदोलनों के चलते राष्ट्रपति विक्टर को अपना पद छोड़ना पड़ा लेकिन तब तक रूस क्रीमिया का अपने साथ विलय कर चुका था. इस घटना के बाद से ही यूक्रेन पश्चिमी यूरोप के साथ अपने रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिश में जुटा है लेकिन रूस लगातार इसके खिलाफ रहा है. यही वजह है कि यूक्रेन, रूस और पश्चिमी देशों की खींचतान के बीच फंसा हुआ है.

 

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous ArticleWHO की चेतावनी: Omicron कोविड का अंतिम वैरिएंट नहीं, नए वैरिएंट हो सकते हैं और भी घातक
Next Article RBI ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, रेपो रेट 4 फीसदी बरकरार

Related Posts

झारखंड

एक्शन मोड में SSP, अड्डेबाजों और नशेड़ियों पर रात के अंधेरे में कसा शिकंजा

September 16, 2026
राशिफल

राशिफल @ 16 सितंबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

September 16, 2026
Headlines

सम्राट सरकार ने खोला खजाना, कैबिनेट ने दी 17 अहम एजेंडों को मंजूरी

September 15, 2026
Advertisement
auto
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

एक्शन मोड में SSP, अड्डेबाजों और नशेड़ियों पर रात के अंधेरे में कसा शिकंजा

September 16, 2026

राशिफल @ 16 सितंबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

September 16, 2026

तकनीक बनेगी किसानों की ताकत, 53 लाख Farmer Registry तैयार : मंत्री विजय सिन्हा

September 15, 2026

सम्राट सरकार ने खोला खजाना, कैबिनेट ने दी 17 अहम एजेंडों को मंजूरी

September 15, 2026

रात के सन्नाटे में रेस हुई मधुबनी पुलिस, भोर होते-होते आर्केस्ट्रा के नर्क से 40 लड़कियां आजाद

September 15, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.