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Home » उत्तर प्रदेश में सीएए के विरोध में हिंसा, पांच की मौत
देश

उत्तर प्रदेश में सीएए के विरोध में हिंसा, पांच की मौत

December 20, 2019No Comments10 Mins Read
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(लीड) उप्र में सीएए के विरोध में हिंसा, पांच की मौत

– प्रदर्शनकारियों को सीएए की जानकारी नहीं, माहौल शांत करने के बजाय हवा दे रहा विपक्ष

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लखनऊ। नागरिकता संशोधन एक्ट (सीएए) को लेकर शुक्रवार को जिस तरह से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हिंसा भड़की, उसने यह बात साफ कर दी कि जमीनी स्तर पर अभी भी लोगों में इस विषय पर जानकारी का अभाव है। सीएए के बारे में प्रदर्शनकारियों की गलतफहमी दूर करने के बजाय सियासी दल अपने बयानों से हवा दे रहे हैं। इसलिए यह मुद्दा अब सरकार बनाम विपक्ष का हो गया है, जिसमें आम जनता को मोहरा बनाकर इस्तेमाल किया जा रहा है। खासतौर से अल्पसंख्यकों में सीएए को लेकर फैले भ्रम दूर करने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। यही वजह है कि शुक्रवार को भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जुमे की नमाज के बाद हिंसक प्रदर्शन हुए। इस हिंसा में प्रदर्शनकारियों के साथ कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए। राज्य में सीएए के विरोध में हुई हिंसा में शुक्रवार को पांच लोगों की मौत हुई है।

अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने देर शाम बताया कि कानून व्यवस्था बनाये रखने को लगातार प्रशासन और पुलिस सतर्क है। वहीं पुलिस महानिरीक्षक कानून एवं व्यवस्था प्रवीण कुमार के मुताबिक, इस हिंसा में छह लोगों की मौत हुई है जिनमें मेरठ, फिरोजाबाद, संभल और कानपुर में एक-एक तथा ​बिजनौर में दो लोग शामिल हैं।

लखनऊ में गुरुवार को हुई हिंसा के बाद शुक्रवार का दिन कड़ी सुरक्षा के बीच शांति से गुजरा। टीला वाली मस्जिद में जुमे की नमाज शांतिपूर्वक अदा की गई। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह स्वयं टीले वाली मस्जिद पहुंचे और पैदल गश्त में भी हिस्सा लिया। पुराने लखनऊ में सुरक्षा का कड़ा घेरा देखने को मिला। प्रशासन और पुलिस ने जिस तरह से गुरुवार शाम से ही धर्म गुरुओं से बातचीत कर शांति की अपील की, उसका असर आज देखने को भी मिला। मौलवीगंज में कुछ लोगों ने जरूर सड़क पर आकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो पथराव भी किया गया। इसके बाद नारेबीजी कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने खदेड़ दिया।

कानपुर में नमाज पढ़ने के बाद पुलिस ने जुलूस निकल रहे प्रदर्शनकारियों को जब पुलिस ने रोका तो उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी यतीमखाने में जलसा करने की कोशिश में थे, लेकिन पुलिस ने जब उन्हें रोका तो वह आक्रामक हो गए। उन्होंने मरी कंपनी पुल पर कब्जा कर लिया। इस दौरान संघर्ष बढ़ने पर उन्होंने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। बवाल की जानकारी पर जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव भारी फोर्स के साथ परेड से आगे बढ़े लेकिन मुर्गा बाजार के पास एसएसपी और परेड के केसरवानी डोसा कार्नर के पास डीएम उपद्रवियों के बीच फंस गए। आलाधिकारियों को फंसता देखकर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद बेकाबू भीड़ को टीयर गैस छोड़कर भगाया गया तब आलाधिकारी भीड़ के चुंगल से बच सके। विरोध-प्रदर्शन के दौरान नौ लोग गोली लगने से घायल हुये हैं। एक दारोगा समेत छह पुलिस कर्मी भी जख्मी हैं।

फिरोजाबाद में थाना रसूलपुर क्षेत्र में नमाज के बाद निकले लोगों ने पुलिस पर पथराव किया और कई गाड़ियों में आग लगा दी गई। उपद्रवियों ने फायरिंग भी की है। जवाब में पुलिस को भी फायरिंग करनी पड़ी। इस घटना में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। उपद्रवियों ने नालबंद पुलिस चौकी में आग लगा दी। कानपुर हाईवे पर कब्जा कर पुलिस पर फायरिंग की। नारखी इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार सिंह को घेरकर उनकी पिस्टल छीन ली। उनकी गाड़ी भी तोड़ दी। इंस्पेक्टर सहित तीन पुलिस कर्मी अब तक घायल हो गए हैं। स्थिति बेकाबू होते देख हाईवे पर आ रहे वाहनों को रोक दिया गया है। इस दौरान फायरिंग में नवीजान (25) पुत्र अयूब गोली लगने से घायल हो गया। घायल को उसके परिजन आनन फानन में उपचार के लिये सरकारी ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी लेकर आये। इसके बाद उसे आगरा ले जाया गय, जहां उसकी मौत की खबर है।

गोरखपुर में नखास में बेकाबू भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया। पुलिस ने लाठीचार्ज करके उन्हें तितर बितर करने की कोशिश की। उपद्रवियों ने अपर पुलिस अधीक्षक की गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार गुप्ता ने कहा कि पथराव करने वालों के साथ सख्ती पर की गई है। उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घंटाघर स्थित जामा मस्जिद के बाहर भी बड़ी संख्‍या में पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। मुस्लिम बहुल घंटाघर क्षेत्र में कुछ लोगों ने दुकानें बंद कराने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया।

बहराइच में बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने जब रोका तो माहौल बिगड़ गया। उपद्रवियों को खदेड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। हिंसा भड़कने के कारण प्रदर्शनकारियों सहित कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

बुलंदशहर के ऊपरकोट मोहल्‍ले में भी उग्र प्रदर्शन देखने को मिला। यहां प्रदर्शनकारियों को रोकने पर उन्होंने पुलिस पर पथराव और फायरिंग की। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की उग्र हुई भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव के साथ कुछ गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।

बिजनौर के नहटौर, धामपुर, नगीना में उपद्रवियों ने पथराव किया। जामा मस्जिद के बाहर हजारों की भीड़ और पुलिस बल आमने सामने आ गए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रण में करने की कोशिश की। अमरोहा में भी उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया है।

मुजफ्फरनगर के शहर के मीनाक्षी चौक पर भीड़ ने पथराव में कान्सटेबल समीर अली घायल हो गया। शहर के कच्‍ची सड़क पर मदीना चौक पर भीड़ को रोकने पर उपद्रवियों ने वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

मेरठ में कोतवाली थाने के सामने उग्र भीड़ ने तोड़फोड़ की। खत्‍ता रोड में पुलिस की दो गाड़ियों को आग लगा दी। उपद्रवियों ने नौचंदी थाना क्षेत्र की शंभूदास गेट के सामने स्थित दो पुलिस चौकी फूंक दी। तारापुरी क्षेत्र में उपद्रव‍ियों ने पुलिस के 30 रिक्रूट को बंधक बनाया। एसपी देहात ने भारी फोर्स के साथ सभी को मुक्‍त कराया। तारापुरी में आरएएफ के एक सब इंस्‍पेक्‍टर और एक जवान को गोली लगी है। इस हिंसा में दो लोगों की मौत की खबर है। हालात बेहद तनावपूर्ण है। शहर के अन्‍य हिस्‍सों में भी प्रदर्शन जारी है।

सहारनपुर में जुमे की नमाज के बाद भीड़ का उग्र रूप देखने को मिला। भीड़ ने बैरीकेडिंग गिराकर उग्र प्रदर्शन किया। उन्होंने सीएए को देश के खिलाफ बताया। देवबंद में भी लोगों ने सीएए विरोध में नारेबाजी की।

हाथरस के कस्बा सिकंदराराऊ में मस्जिद के पास तैनात फोर्स पर उग्र भीड़ पथराव किया। पुलिस ने उन्हें नियंत्रण में करने के लिए बल का प्रयोग किया। पथराव में चार पुलिसकर्मी व दो स्थानीय घायल हुए हैं।स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

मुरादाबाद में जामा मस्जिद में नमाज के बाद लोग जीआईसी चौक पर विरोध में उतरे। सीएए के विरोध में काले गुब्बारे उड़ाए गए और सरकार विरोधी नारेबाजी की।

सीतापुर के लहरपुर में नमाज के बाद उग्र प्रदर्शन हुआ। उपद्रवियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पोस्टर फाड़े गए। पुलिस ने लाठियां फटकार कर उन्हें मौके से खदेड़ा। प्रयागराज में सिविल लाइंस में सुभाष चौराहे, पुराने शहर के चौक, कोतवाली, शाहगंज, अटाला, चकिया, नूरुल्लाह रोड, रानी मंडी, जानेसनगंज पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने उन्हें चेतावनी देते हुए स्थिति नियंत्रित की।

भदोही में नमाज अता करने के बाद लोग जुलूस निकालना चाहते थे लेकिन प्रदेश भर में निषेधाज्ञा लागू होने की वजह से पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। इसके बाद उग्र लोगों के पुलिस पर पथराव करने पर उन पर लाठीचार्ज किया गया। इसके बाद पूरे शहर में दंगा भड़कने की अफवाह फैल गई। पिरखांपुर, स्टेशन रोड, कोतवाली इलाके में स्थिति बिगड़ गई। शहर की दुकानों के शटर गिर गए। बाहर से आए लोग शहर से निकले लगे। हालांकि लेकिन पुलिस तत्काल स्थिति को नियंत्रित करने में सफल रही।

हमीरपुर में देवी चौराहा व मौदहा कस्बा में अचानक सैकड़ों की संख्या में युवकों ने हाथों मेें तख्तियां लेकर नारेबाजी शुरू कर दी और जुलूस निकालने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने लाठीचार्ज कर तितर-बितर किया। इसके बाद तमाम युवक रहमानिया इण्टर कालेज के पास पहुंचकर नारेबाजी करके जुलूस निकालने लगे। भीड़ के पथराव के बाद पुलिस उन्हें खदेड़ा।

गाजियाबाद में नमाज के बाद हंगामा कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठियां भांजी। उग्र लोगों ने पथराव किया जिसमें कई पुलिस कर्मी घायल भी हुए। यहां के संवेदनशील माने जाने वाले कैला भट्टा छेत्र में सबसे ज्यादा हंगामा हुआ।

हापुड़ में शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद शहर में एक समुदाय के लोग आक्रोशित होकर कानून के विरोध में प्रदर्शन करने लगे। बुलन्दशहर रोड से आयी हजारों लोगों की भीड़ ने शहर में विभिन्न स्थानों पर एक दर्जन गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। इससे बाजार में अफरा तफरी मच गयी और कुछ ही देर में शहर के सभी बाजार बंद हो गये। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर व लाठीचार्ज करके प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया।

​विपक्ष राजनीतिक रोटियां सेंकने में जुटा

अखिलेश बोले-अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही सरकार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा अभी भी जनता को गुमराह करने से बाज नहीं आ रही है। असली ताकत तो जनता की होती है। बहुमत के बल पर जनमत को नहीं ठुकराया जा सकता है। उन्होंने कहा सीएए के विरोध में आवाज उठाने वालों पर दमनात्मक कार्यवाहियां करके भाजपा अपने पैरों पर ही कुल्हाड़ी मारने का काम कर रही है। वह निर्दोषों के साथ अन्याय कर रही है। यह लोकतंत्र की स्वस्थ स्थिति नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वह जनता के बीच जाएं और भाजपा की साजिशों का पर्दाफाश करे। समाजवादी पार्टी एनआरसी का पूरा विरोध करेगी। सीएए और एनआरसी के जरिए भाजपा देश और समाज को बांटने की साजिश कर रही है। जिनका संविधान में विश्वास है, वे सब इनके विरोध में हैं। जनता में भारी असंतोष और आक्रोश है। भाजपा जानबूझकर ऐसे काम करती है ताकि बुनियादी समस्याओं से लोगों का ध्यान बंटाया जा सके। भाजपा सरकार ने पहले नोटबंदी फिर जीएसटी लगाकर अशांति पैदा की अब फिर नया विवाद पैदा कर दिया है।

प्रदेश में हिंसा होने से रोक नहीं पायी सरकार: अजय कुमार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि आज जिस तरह से पूरे प्रदेश में हिंसा का तांडव हो रहा है वह बहुत ही चिन्ताजनक है। सरकार प्रदेश के नागरिकों की आवाज सुनने को तैयार नहीं है, जिसकी वजह से पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन और हिंसा का दौर चल गया है जो बहुत ही चिन्ता का विषय है। यह सरकार और प्रशासन की नाकामी है कि वह प्रदेश में हिंसा होने से रोक नहीं पायी है।

जबरन थोपने के कारण हालात खराब: मायावती
वहीं बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सीएए एवं एनआरसी को जबरन थोपे जाने को लेकर पूरे देशभर में जगह-जगह व्यापक जन आक्रोश का पार्टी समर्थन तो करती है, लेकिन हिंसा अनुचित है। बसपा कार्यकर्ता दूसरी पार्टियों के लोगों की तरह सड़कों पर निकलकर हिंसा व तोड़फोड़ तथा सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने आदि का काम कतई भी न करें।

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