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Patna : बिहार सरकार के उद्योग विभाग ने आज विकास भवन, पटना में “स्टार्टअप स्पार्क 2.0” कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का सहयोग बी.हब बीएसएफसी और आईआईटी पटना के इन्क्यूबेशन सेंटर ने किया। इस कार्यक्रम में बिहार में स्थापित स्टार्टअप्स के इनोवेशन यानी नवाचार उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जो बाजार में प्रवेश के लिए तैयार हैं। इसका उद्देश्य स्टार्टअप्स को एक मंच प्रदान करना था, ताकि वे आपस में जुड़ सकें और अपने विचारों का आदान-प्रदान कर सकें। उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। अन्य विशिष्ट अतिथियों में अपर मुख्य सचिव मीहीर कुमार सिंह, उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता, हस्तशिल्प एवं रेशम निदेशक निखिल धनराज निप्पणीकर, तकनीकी विकास निदेशक शेखर आनंद, और आईआईटी पटना के प्रोफेसर-इन-चार्ज डॉ सुधीर कुमार शामिल थे।
कार्यक्रम में पांच स्टार्टअप्स ने अपने उत्पाद प्रस्तुत किए :
- भोजपट्टा एग्रीप्रेन्योर प्रा. लि. – शून्य कार्बन उत्सर्जन ड्रायर
- क्रेडिटबकेट टेक्नोलॉजीज प्रा. लि. – पेमेंट साउंडबॉक्स टूल्स
- हाइप्रो टेक प्रा. लि. – सर्विलांस ड्रोन
- एआर ऑनलाइन सर्विस प्रा. लि. – वर्चुअल फैशन ऐप
- कंसेप्ट ऑफ सुपर फूड्स एलएलपी – मखाना आधारित खाद्य उत्पाद
कार्यक्रम में स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना के तहत लाभान्वित उद्यमियों को चेक वितरित किए गए, साथ ही “स्पार्क 2.0” निवेश विजेताओं को भी पुरस्कार स्वरूप चेक दिए गए। मंत्री नीतीश मिश्रा ने बिहार में स्टार्टअप्स द्वारा किए गए नवाचार कार्यों की सराहना की और सभी से आग्रह किया कि वे मिलकर बिहार को विश्व के सबसे बड़े स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करने के लिए प्रयास करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि उद्योग विभाग स्टार्टअप्स को निरंतर समर्थन प्रदान करेगा।

“स्टार्टअप स्पार्क 2.0” बिहार के आगामी स्टार्टअप्स के लिए एक महत्वपूर्ण लॉन्चपैड साबित होगा, जो उन्हें निवेशकों, मेंटर्स और उद्योग के नेताओं से मिलने का अवसर प्रदान करेगा। यह पहल बिहार स्टार्टअप नीति 2022 के अनुरूप है, जो स्टार्टअप्स को बीज पूंजी, सहकार्य स्थल और मार्गदर्शन प्रदान करने की दिशा में काम कर रही है।
इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं द्वारा संबोधन, पैनल चर्चाएँ और स्टार्टअप्स का प्रदर्शन किया गया, जो राज्य सरकार की नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। “स्टार्टअप स्पार्क 2.0” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह बिहार को नवप्रवर्तकों और उद्यमियों के उत्कृष्टता का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक आंदोलन है।
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