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Garhwa (Nityanand Dubey) : मनरेगा यानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत संचालित योजनाओं में अनियमितता के मामले में DC दिनेश कुमार यादव ने सख्त एक्शन लिया है। DC ने कुल 16 कर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। इनमें धुरकी प्रखंड के आठ कर्मियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बरखास्त कर दिया गया है। वहीं, तीन अन्य कर्मियों का तबादला किया गया है। इसके अलावा दो पंचायत सचिव को सस्पेंड और एक तत्कालीन पंचायत सचिव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश DC ने दिया है। इसके अलावा दो मुखिया की वित्तीय शक्तियां जब्त कर ली गयी है। DC दिनेश कुमार यादव ने यह कार्रवाई धुरकी एवं रमकंडा प्रखंडों में मनरेगा योजनाओं, विशेषकर डोभा और कूप निर्माण कार्यों में पाई गई भारी अनियमितताओं के आधार पर की है। रमकंडा में ग्रामीणों की शिकायत पर जिला स्तरीय जांच दल द्वारा जांच कराई गई, जबकि धुरकी प्रखंड के मामले में मनरेगा लोकपाल ने 28 जून को अपनी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी थी। इसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
इन छह कर्मियों को नौकरी से बर्खास्त किया गया है
- अनिल कुमार यादव – ग्राम रोजगार सेवक
- उमेश कुमार – ग्राम रोजगार सेवक
- नितेश कुमार सिंह कुशवाहा – कनीय अभियंता
- राकेश रंजन रवि – कनीय अभियंता
- मुकेश दूबे – कनीय अभियंता
- बबलू प्रसाद – लेखापाल-सह-कंप्यूटर ऑपरेटर, PMAY-G
- संजय लकड़ा – ग्राम रोजगार सेवक
- तपेश्वर पासवान – वीएफटी
इन कर्मियों का किया गया तबादला
- जहान अंसारी – सहायक अभियंता (मनरेगा)
- कमलेश राम – प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी
- अरविंद कुमार – कनीय अभियंता
ये हुए सस्पेंड
- रामाशंकर सिंह – पंचायत सचिव
- अभय कुमार मिंज – पंचायत सचिव
प्राथमिकी दर्ज
- छवि सिंह – तत्कालीन पंचायत सचिव
वित्तीय शक्तियां जब्त
- शगुनी राम – मिरचईया के मुखिया
- बिनोद कुमार गुप्ता – बलीगढ़ के मुखिया
क्या है मामला
धुरकी प्रखंड में मनरेगा अंतर्गत तीन कूप निर्माण योजनाओं में अनियमितता पाई गई। जांच में सामने आया कि दो योजनाओं में जेसीबी मशीन से कार्य किया गया, जो मनरेगा नियमों का उल्लंघन है। वहीं, एक योजना में कार्य प्राक्कलन के अनुरूप नहीं किया गया। मिरचईया गांव में सलीम अंसारी और समीर अंसारी के खेत में जेसीबी से कूप का निर्माण कराया गया, जबकि तौफिक अंसारी के खेत में योजना में भारी अनियमितता पाई गई। सभी संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन जवाब असंतोषजनक पाए गए।
रमकंडा प्रखंड में क्या हुआ?
बलीगढ़ पंचायत के पूर्व समिति सदस्य मो. बाबर और अन्य ग्रामीणों की शिकायत पर की गई जांच में सामने आया कि मनरेगा अंतर्गत सुकन राम के खेत में प्रस्तावित डोभा निर्माण कार्य को दो किलोमीटर दूर भैरव साव के खेत में कर दिया गया। इस योजना का मूल्यांकन ₹54,670 किया गया, लेकिन ₹2,56,734 का भुगतान कर दिया गया। इस मामले में दो कनीय अभियंताओं का स्थानांतरण किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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