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News Samvad : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ मानेसर-शिकोहपुर जमीन सौदे में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में चार्जशीट दाखिल की है। ED ने वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी की 37.64 करोड़ रुपये की 43 संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। यह मामला दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में चल रहा है।
ED ने चार्जशीट में वाड्रा की कंपनी समेत 11 अन्य लोगों को आरोपी बनाया है। आरोप है कि जमीन का म्यूटेशन एक दिन में कर दिया गया, जबकि आमतौर पर इसमें तीन महीने लगते हैं।
हरियाणा की तत्कालीन हुड्डा सरकार पर भी आरोप है कि उसने नियमों को नजरअंदाज करते हुए वाड्रा की कंपनी को कमर्शियल कॉलोनी का लाइसेंस दिया। इसके बाद जमीन की कीमत में 773% तक का इजाफा हुआ और वह जमीन डीएलएफ को 58 करोड़ में बेच दी गई।
मामले का खुलासा तब हुआ जब आईएएस अफसर अशोक खेमका ने 2012 में जांच कर म्यूटेशन रद्द किया, लेकिन उन्हें तुरंत ट्रांसफर कर दिया गया। हुड्डा सरकार ने वाड्रा और डीएलएफ को क्लीन चिट दी थी।
2014 में भाजपा सरकार आने के बाद जांच आयोग बना, और 2018 में ईडी ने केस अपने हाथ में लिया।
राहुल गांधी ने इस कार्रवाई पर कहा कि केंद्र सरकार वाड्रा को राजनीतिक रूप से परेशान कर रही है। उन्होंने कहा, “अंत में जीत सच्चाई की होगी।” वहीं वाड्रा और भूपेंद्र हुड्डा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है और इसे राजनीति से प्रेरित बताया है।
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