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Patna : पटना के चर्चित चंदन मिश्रा हत्याकांड में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। एसएसपी पटना ने इस सनसनीखेज मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में शास्त्री नगर थाना के दो सब-इंस्पेक्टर (दरोगा), दो असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) और कई सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में इन अधिकारियों पर कर्तव्य में घोर लापरवाही का आरोप साबित हुआ।
वारदात जिसने पूरे बिहार को झकझोर दिया
17 जुलाई 2025 को पटना के पारस अस्पताल में एक ऐसी वारदात हुई, जिसने न सिर्फ राजधानी को, बल्कि पूरे राज्य को हिला कर रख दिया। बक्सर का कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा अस्पताल के वार्ड नंबर 209 में भर्ती था, जहां सुबह करीब 7:15 बजे पांच हथियारबंद हमलावर ICU में घुसे और उसे गोलियों से भून दिया। हत्या के बाद सभी हमलावर फरार हो गए।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप
चंदन मिश्रा के पिता श्रीकांत मिश्रा उर्फ मंटू मिश्रा ने इस हत्या को साज़िश करार देते हुए शास्त्री नगर थाने में FIR दर्ज कराई है। इसमें उन्होंने पारस अस्पताल प्रबंधन और जनरल सर्जन डॉ. पिंटू कुमार सिंह को भी नामजद किया है। FIR में श्रीकांत मिश्रा का कहना है कि चंदन को 15 जुलाई को फिस्टुला और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के लिए भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन डॉ. पिंटू कुमार सिंह ने किया, और शुरुआत में कहा गया कि मरीज को 16 जुलाई को छुट्टी दे दी जाएगी। लेकिन अचानक डिस्चार्ज डेट बदलकर 17 जुलाई कर दी गई।
सुरक्षा पर गंभीर सवाल
श्रीकांत मिश्रा ने दावा किया है कि अस्पताल में CCTV, मेटल डिटेक्टर और हथियारबंद गार्ड मौजूद थे, फिर भी अपराधी बिना किसी रोक-टोक के ICU तक पहुंचे और वारदात को अंजाम दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हत्या पूर्व-नियोजित साजिश थी, जिसमें अस्पताल के कुछ लोग भी शामिल हो सकते हैं।
पुलिस की लापरवाही उजागर
जांच में यह साफ हो गया कि पुलिस सुरक्षा में भारी चूक हुई थी। जिस वार्ड में चंदन भर्ती था, वहां उसकी सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात थी, बावजूद इसके अपराधी वहां तक पहुंचने में सफल रहे। इसी लापरवाही के चलते शास्त्री नगर थाना के कई अधिकारियों पर गाज गिरी।
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