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Patna : बिहार के गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के कीरतपुरा गांव में फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आया है। फटे हुए दूध से बना खाद्य पदार्थ खाने के बाद एक ही परिवार के 10 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बीमारों में छोटे बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं। सभी को परिजन तुरंत इलाज के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है।परिजनों के अनुसार, अनिल सहनी और रजानति देवी के घर में फटे हुए दूध से एक खाद्य पदार्थ तैयार किया गया था। परिवार के सभी सदस्यों ने उसे खाया। कुछ देर बाद सबसे पहले बच्चों ने पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की। इसके बाद घर के अन्य लोगों को भी चक्कर आने लगे और कमजोरी महसूस होने लगी। देखते ही देखते पूरे परिवार की हालत बिगड़ने लगी। घबराए परिजन सभी को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे।बीमार होने वालों में प्रिया कुमारी (14 वर्ष), सिमरन कुमारी (11 वर्ष), प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष), ऋषभ कुमार (1 वर्ष), अभिराज कुमार (2 वर्ष), मोनालिसा कुमारी (11 वर्ष), ऋतिक कुमार (5 वर्ष), अतुल कुमार (9 वर्ष), मनीषा (30 वर्ष) और रजानति देवी (35 वर्ष) शामिल हैं। अस्पताल पहुंचते ही सभी मरीजों का इलाज शुरू किया गया। बच्चों की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें विशेष निगरानी में रखा।
डॉक्टरों ने लोगों से बरतने को कहा सावधानी
सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला फूड पॉइजनिंग का लग रहा है। संभावना है कि फटे हुए दूध में हानिकारक बैक्टीरिया पनप गए थे, जिसके कारण यह समस्या हुई। हालांकि समय पर इलाज मिलने से सभी मरीज अब खतरे से बाहर हैं। सटीक कारण जानने के लिए आवश्यक मेडिकल जांच भी कराई जा रही है।घटना के बाद कीरतपुरा गांव में लोगों के बीच चिंता का माहौल है। जिला स्वास्थ्य विभाग भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि गर्मी और उमस के मौसम में बासी भोजन, फटे हुए दूध या खराब हो चुके खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। भोजन को हमेशा साफ-सुथरे तरीके से तैयार करें और लंबे समय तक बाहर रखा हुआ खाना खाने से बचें। यदि खाना खाने के बाद पेट दर्द, उल्टी, दस्त या चक्कर जैसी समस्या हो तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि समय पर इलाज मिल सके और गंभीर स्थिति से बचा जा सके।
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