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Patna : पटना की सुबह मंगलवार को एक खास याद के नाम रही। मौका था बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल की जयंती का। देशरत्न मार्ग और सर्कुलर पथ चौराहा स्थित उनकी आदमकद प्रतिमा के पास राजकीय समारोह हुआ। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी यहां पहुंचे और प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ा, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और उनके परिजनों की मौजूदगी से प्रतिमा स्थल पर लोगों की भीड़ बढ़ती गई।

प्रतिमा पर फूल चढ़े, यादों में लौट आया मंडल का दौर
राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, विधायक श्याम रजक और विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी भी समारोह में पहुंचे। सभी ने बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई लोगों ने भी मौके पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी।
समारोह का एक भावुक पहलू यह भी रहा कि बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल के पौत्र डॉ. मनीष मंडल और उनके परिवार के सदस्य भी वहां मौजूद थे। परिवार के लोगों ने प्रतिमा पर फूल चढ़ाए और उन्हें याद किया। उनके लिए यह सिर्फ एक राजकीय समारोह नहीं, बल्कि परिवार के उस सदस्य को याद करने का अवसर था, जिसने बिहार की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई थी।
बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल का नाम बिहार की राजनीति के इतिहास में खास तौर पर लिया जाता है। उनके सार्वजनिक जीवन को याद करते हुए समारोह में पहुंचे लोगों ने उनके योगदान के प्रति सम्मान जताया। प्रतिमा पर एक के बाद एक फूल चढ़ते रहे और लोग कुछ पल रुककर उन्हें नमन करते रहे।
कार्यक्रम में केवल माल्यार्पण तक ही बात नहीं रुकी। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने आरती और पूजन किया। इसके बाद राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के साथ बिहार गीत का गायन हुआ। देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति ने समारोह के माहौल को और भावपूर्ण बना दिया। प्रतिमा स्थल पर मौजूद लोगों ने भी पूरे सम्मान के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
जयंती के इस आयोजन में सत्ता पक्ष के नेताओं के साथ सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भी मौजूदगी रही। अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने पुष्प अर्पित कर बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल को याद किया। समारोह खत्म होने के बाद भी प्रतिमा स्थल पर लोग कुछ देर तक रुके रहे और उनके जीवन तथा सार्वजनिक योगदान की चर्चा करते नजर आए।
बिहार की राजनीति में कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्हें समय के साथ भुलाया नहीं जा सकता। बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल भी उन्हीं नामों में शामिल हैं। उनकी जयंती पर आयोजित यह राजकीय समारोह उसी विरासत को याद करने का एक मौका बना, जहां राज्यपाल से लेकर मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि, परिवार के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता एक साथ नजर आए।
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