अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बिहार के सीएम सम्राट चौधरी इन दिनों दिल्ली दौरे पर हैं और उनका यह दौरा काफी चर्चा में है। बाहर से देखने पर यह सामान्य मुलाकात लग सकती है, लेकिन अंदरखाने कई अहम राजनीतिक बातों पर चर्चा हुई है। खासकर आने वाले चुनाव, सरकार के विस्तार और संगठन में बदलाव को लेकर हलचल तेज हो गई है।
अमित शाह से मुलाकात ने बढ़ाई हलचल
दिल्ली में सीएम सम्राट ने सबसे पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसे औपचारिक मुलाकात बताया गया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बातचीत सिर्फ शिष्टाचार तक सीमित नहीं रही। माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार को लेकर लंबी चर्चा हुई। किन नेताओं को मंत्री बनाया जाए, किसे कौन सा विभाग मिले, इन सब पर मंथन हुआ है। बिहार में अभी बहुत छोटा मंत्रिमंडल है, इसलिए विस्तार लगभग तय माना जा रहा है।
अभी सिर्फ तीन लोगों की सरकार
15 अप्रैल को शपथ लेने के बाद से सरकार में अभी केवल तीन ही मंत्री हैं :
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
- डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी
- डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव
ऐसे में सरकार को पूरी तरह से चलाने के लिए कैबिनेट बढ़ाना जरूरी है। अब यह माना जा रहा है कि 4 मई के बाद कभी भी मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है।
बड़े नेताओं से लगातार बैठकें
सीएम ने सिर्फ अमित शाह से ही नहीं, बल्कि कई बड़े नेताओं से भी मुलाकात की। इनमें राजनाथ सिंह, अश्विनी वैष्णव, जीतनराम मांझी, ललन सिंह, पीयूष गोयल और नित्यानंद राय के नाम शामिल हैं। इन बैठकों में बिहार के विकास प्रोजेक्ट, केंद्र से सहयोग और राजनीतिक हालात पर खुलकर बात हुई।
विकास और कानून व्यवस्था पर भी जोर
बैठकों में सिर्फ राजनीति ही नहीं, बल्कि राज्य के कामकाज पर भी चर्चा हुई। कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने, भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और प्रशासन को तेज करने जैसे मुद्दों पर फीडबैक लिया गया।केंद्र के नेताओं ने सरकार के काम पर संतोष जताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि कुछ क्षेत्रों में और तेजी लाने की जरूरत है।
संगठन में बदलाव की भी तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, सिर्फ मंत्रिमंडल ही नहीं बल्कि संगठन में भी बदलाव हो सकता है। पार्टी चाहती है कि जमीनी स्तर पर पकड़ और मजबूत हो। इसके लिए कुछ नए चेहरे सामने आ सकते हैं और जिम्मेदारियों में फेरबदल हो सकता है।
क्या कहते हैं राजनीतिक जानकार
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. संजय कुमार का कहना है कि यह दौरा आगे बड़े फैसलों का संकेत दे रहा है। उनके मुताबिक, जब मुख्यमंत्री दिल्ली से वापस आएंगे तो कई चीजें साफ हो जाएंगी।उनका मानना है कि सरकार प्रशासनिक सख्ती और भ्रष्टाचार के खिलाफ कदम उठाने के मूड में है, और इसी दिशा में रणनीति बनाई जा रही है।
आगे क्या हो सकता है
अब सबकी नजर इस बात पर है कि बिहार लौटने के बाद सीएम क्या फैसले लेते हैं। सबसे पहले कैबिनेट विस्तार की घोषणा हो सकती है। इसके साथ ही संगठन में बदलाव और आने वाले चुनाव को लेकर नई रणनीति भी सामने आ सकती है।कुल मिलाकर, यह दौरा बिहार की राजनीति में आने वाले बड़े बदलावों की तैयारी माना जा रहा है।

