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Delhi : शाहदरा के विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के एक चार मंजिला इमारत में लगी भीषण आग ने नौ लोगों की जान ले ली। हादसा इतना भयानक था कि कई लोग अपनी जान बचाने तक का मौका नहीं पा सके। मरने वालों में एक ही परिवार के पांच सदस्य शामिल हैं, जिनमें एक छोटा बच्चा भी था।
आग कैसे लगी
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग की शुरुआत दूसरी मंजिल के पीछे लगे एयर कंडीशनर में धमाके से हुई। यह घटना करीब सुबह 3:30 बजे हुई, जब ज्यादातर लोग सो रहे थे। आग तेजी से फैली और देखते ही देखते तीसरी मंजिल तक पहुंच गई।
बचने का मौका नहीं मिला
आग लगते ही लोग घबराकर बाहर निकलने लगे। कुछ लोग छत की ओर भागे, लेकिन छत का दरवाजा बंद होने की वजह से वे वहीं फंस गए। कई लोगों की मौत सीढ़ियों पर ही हो गई। जिस फ्लोर पर आग लगी थी, वहां मौजूद चार लोग भी नहीं बच पाए।अग्निशमन दल ने इमारत के सामने वाले हिस्से में रहने वाले लोगों को बचा लिया, लेकिन पीछे फंसे लोगों तक पहुंचना मुश्किल हो गया।
दिल दहला देने वाला मंजर
घटना इतनी भयावह थी कि कई शव पूरी तरह जल चुके थे और पहचान करना मुश्किल हो गया। तीन शव बिस्तर पर ही मिले, जिससे साफ है कि उन्हें उठने का भी मौका नहीं मिला।सबसे दर्दनाक बात यह रही कि एक डेढ़ साल के बच्चे का शव उसकी मां से चिपका मिला।
एक परिवार खत्म हो गया
इस हादसे में अरविंद जैन का पूरा परिवार उजड़ गया।
मरने वालों में शामिल हैं:
- अरविंद जैन (62)
- उनकी पत्नी अनिता जैन
- बेटा निशांक जैन (34)
- बहू आंचल
- डेढ़ साल का पोता आरु
परिवार करीब 10 साल पहले सीलमपुर से यहां आकर रहने लगा था।
आखिरी रात की बात
परिवार के सदस्य दीपक जैन उस समय मानेसर में थे। वह अपने बेटे का जन्मदिन मनाने गए थे। रात करीब 12 बजे निशांक से उनकी वीडियो कॉल पर बात हुई थी और केक भी काटा गया था। कुछ ही घंटों बाद यह हादसा हो गया।
राहत और बचाव कार्य जारी
फायर ब्रिगेड, पुलिस और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और हर संभव मदद दी जा रही है।
सरकार ने जताया दुख
दिल्ली सरकार ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में पूरी तत्परता से जुटने के निर्देश दिए गए हैं। घायलों के जल्द ठीक होने की कामना भी की गई है।यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि लापरवाही या छोटी सी तकनीकी खराबी भी कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।

