अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : पटना में रहने वाले लोग अक्सर जाम की समस्या से परेशान रहते हैं। इसी परेशानी को दूर करने और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने एक बड़ी पहल की है। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल मीटिंग हुई। इस बैठक में सबसे बड़ा फैसला यह लिया गया कि पटना मेट्रो के निर्माण के दौरान भी बेली रोड पर ट्रैफिक को रुकने या बाधित नहीं होने दिया जाएगा।
मेट्रो का काम भी चलेगा और ट्रैफिक भी रहेगा चकाचक
पटना मेट्रो रेल परियोजना के तहत विद्युत भवन से रुकनपुरा के बीच जमीन के नीचे (अंडरग्राउंड) मेट्रो टनल बनाई जानी है। बेली रोड पटना की लाइफलाइन मानी जाती है, इसलिए इस निर्माण कार्य के दौरान वहां भीषण जाम लगने की आशंका थी। इसी को ध्यान में रखते हुए मंत्री नीतीश मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा है कि निर्माण कार्य अपनी जगह है, लेकिन आम जनता की सहूलियत सबसे ऊपर है। मेट्रो का काम इस तरह से प्लान किया जाएगा ताकि गाड़ियों की रफ्तार न थमे।
विभागों को मिला 15 दिनों का अल्टीमेटम
बैठक में तय हुआ कि सिर्फ बातें करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीन पर ठोस एक्शन लेना होगा। इसके लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बाकी सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर पूरे इलाके का बारीकी से सर्वे करें। सर्वे करने के बाद अगले 15 दिनों के भीतर एक पूरी और मजबूत कार्ययोजना (ट्रेफिक मैनेजमेंट प्लान) बनाकर सरकार के सामने पेश करनी होगी। इसमें वैकल्पिक रास्तों (डाइवर्जन) की पूरी जानकारी होगी ताकि लोगों को पहले से पता हो कि किधर से जाना है।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में पटना के विकास और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर कई बड़े चेहरे एक साथ बैठे। इसमें विधायक श्याम रजक, रत्नेश कुमार, संजीव चौरसिया और संजय कुमार शामिल हुए। इनके साथ ही विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, पटना नगर निगम की महापौर (मेयर) और उपमहापौर, परिवहन विभाग, पथ निर्माण विभाग, नगर विकास विभाग और पुलिस के कई बड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने अपने-अपने सुझाव दिए ताकि पटना को जाम से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाई जा सके।
इसे भी पढ़ें : काम नहीं तो घर बैठे भत्ता, देरी हुई तो जुर्माना : ‘VB-G RAM G’ से बदलेगी बिहार के मजदूरों की किस्मत

