अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बिहार में शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के प्रयासों के तहत मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने 11 चेक पोस्ट प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि वे अन्य राज्यों से लाई जा रही शराब की जांच में लापरवाही बरत रहे थे।
जिन चेकपोस्टों पर कार्रवाई हुई है, उनमें औरंगाबाद के एरका कुटुंबा, टंडवा बिहारी और मुनगा मोड़, पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन, मधुबनी के जटही, हरलाखी, वितौना, जयनगर और नेउ, जमुई का चकाई, बक्सर का जबही और सीवान के गुठनी व धरनी छापर शामिल हैं। इन सभी से उनके जिलों के मद्य निषेध अधीक्षक की रिपोर्ट के साथ स्पष्टीकरण मांगा गया है।
विधानसभा चुनाव को देखते हुए निर्देश
उत्पाद आयुक्त रजनीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सभी जिलों को निर्देश दिए गए कि शराब के विरुद्ध छापेमारी और गिरफ्तारी की कार्रवाई में तेजी लाई जाए। विधानसभा चुनाव नजदीक होने के कारण विभाग सतर्क हो गया है।
तकनीकी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल
बैठक में यह भी तय किया गया कि:
- खराब पड़े ब्रेथ एनालाइजर को तुरंत ठीक कराया जाए
- ड्रोन के ज़रिए निगरानी और छापेमारी बढ़ाई जाए
- खासकर सीतामढ़ी जिले को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं
इसके अलावा पटना, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सारण, सीतामढ़ी और सुपौल जिलों में जब्त शराब को 15 दिनों के भीतर नष्ट करने का आदेश जारी किया गया है।
समीक्षा में राज्य के छह ग्रुप सेंटरों में पुलिस बल के प्रशिक्षण, फिटनेस और अन्य संसाधनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। सरकार का संदेश साफ है शराबबंदी में ढिलाई किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

