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Patna : बिहार के बक्सर में इन दिनों पेट्रोल और डीजल को लेकर लोगों के बीच काफी हलचल देखने को मिल रही है। हालात ऐसे बन गए हैं कि सुबह होते ही लोग अपने-अपने वाहनों के साथ पेट्रोल पंपों की ओर दौड़ पड़ रहे हैं। मंगलवार को तो स्थिति और ज्यादा बिगड़ी दिखी, जब सूरज निकलने से पहले ही पंपों पर लंबी कतारें लग गईं।
घंटों लाइन में खड़े रहे लोग
शहर के कई पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली, खासकर महाराजा पेट्रोल टंकी पर। यहां स्कूली बसों, ट्रकों, ऑटो और निजी गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई। लोगों को अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
लाइन में खड़े कई लोगों ने बताया कि वे मजबूरी में टंकी फुल कराने आए हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि आगे चलकर तेल मिलना मुश्किल हो सकता है। इंतजार के दौरान लोगों में बेचैनी और नाराजगी साफ नजर आई।
अफवाहों से बढ़ी परेशानी
पूरे मामले की जड़ में अफवाहों को बड़ी वजह माना जा रहा है। बाजार में तरह-तरह की बातें फैल रही हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि देश में पेट्रोल और डीजल का स्टॉक सिर्फ 20 दिनों का बचा है। वहीं कुछ लोग यह भी दावा कर रहे हैं कि चुनाव के बाद तेल के दाम अचानक बहुत बढ़ सकते हैं।
इन बातों ने आम लोगों को डरा दिया है और लोग बिना जरूरत के भी तेल भरवाने पहुंच रहे हैं।
कालाबाजारी की भी आशंका
जानकारों का कहना है कि असल में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। यह स्थिति अफवाहों और कालाबाजारी की आशंका के कारण बनी है। ऐसे हालात में कुछ लोग जानबूझकर संकट का माहौल बना देते हैं ताकि फायदा उठा सकें।
विशेषज्ञों के मुताबिक, जब लोग घबराकर ज्यादा खरीदारी करने लगते हैं तो बाजार में दबाव बढ़ जाता है और हालात बिगड़ने लगते हैं।
यूपी तक भटकते रहे लोग
स्थिति तब और खराब हो गई जब बक्सर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों के कई पेट्रोल पंप बंद मिले। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
कई लोग पेट्रोल की तलाश में बक्सर से यूपी तक चक्कर लगाते रहे, लेकिन हर जगह लंबी लाइन और अनिश्चितता ही मिली।
प्रशासन पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते अफवाहों पर रोक लगाई जाती और सही जानकारी दी जाती, तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।
लोगों ने मांग की है कि मामले की जांच होनी चाहिए और अगर कहीं कालाबाजारी या जानबूझकर संकट पैदा करने की कोशिश हो रही है, तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
आगे क्या
फिलहाल जरूरत है कि लोग अफवाहों से बचें और सिर्फ जरूरत के हिसाब से ही पेट्रोल-डीजल लें। साथ ही प्रशासन को भी आगे आकर स्थिति साफ करनी होगी ताकि लोगों में भरोसा बना रहे और ऐसी अफरातफरी दोबारा न हो।
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