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Patna : पटना में गुरुवार को आर्यमन फाउंडेशन ने अपने सामाजिक मिशन की औपचारिक शुरुआत कर दी। ‘रेयर विंडो’ (Rare Window), पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फाउंडेशन ने क्षेत्रीय मीडिया को अपने उद्देश्य और आगे की योजनाओं की जानकारी दी। इस मौके पर फाउंडेशन के आगामी भव्य उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर मीडिया प्रतिनिधियों को आधिकारिक निमंत्रण पत्र भी सौंपे गए। यह उद्घाटन 11 अप्रैल को पटना के अधिवेशन भवन में होगा।
“ज्ञान भी, मुस्कान भी” के नारे के साथ आगे बढ़ेगा फाउंडेशन
संस्थापक आर्यमन सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आर्यमन फाउंडेशन सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि बदलाव की दिशा में एक मजबूत पहल है। फाउंडेशन का आदर्श वाक्य “ज्ञान भी, मुस्कान भी” रखा गया है, जिसका मतलब है कि संस्था शिक्षा के साथ-साथ लोगों के जीवन में सकारात्मकता और बेहतर स्वास्थ्य भी लाना चाहती है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों की कमी किसी बच्चे का भविष्य तय न करे।
तीन मुख्य स्तंभों पर काम कर रहा फाउंडेशन
आर्यमन सिन्हा ने बताया कि फाउंडेशन तीन प्रमुख क्षेत्रों में लगातार काम कर रहा है। शिक्षा नींव के तहत गरीब और जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई को मजबूत किया जाएगा। स्वास्थ्य संकल्प अभियान के जरिए स्वास्थ्य जांच और इलाज से जुड़ी मदद दी जा रही है। नव चेतन के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और सहायता पहुंचाने की योजना है। फाउंडेशन का लक्ष्य है कि बिहार के सभी जिलों तक धीरे-धीरे इन योजनाओं का विस्तार किया जाए।
चार जिलों में लगाए गए मेडिकल कैंप, हजारों को मिला फायदा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि फाउंडेशन ने अब तक बिहार के चार जिलों शेखपुरा, नालंदा, नवादा और पटना में बड़े स्तर पर चिकित्सा शिविर लगाए हैं। इन शिविरों में जरूरी जांच के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी सलाह भी दी गई। इसका लाभ स्कूल और कॉलेजों के हजारों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों और कर्मचारियों को मिला है। संस्था ने कहा कि आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
वंचित बच्चों के लिए बन रहा खास एजुकेशन ऐप
कार्यक्रम में एक खास घोषणा भी की गई। फाउंडेशन जल्द ही एक शैक्षिक मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च करने की तैयारी में है। यह ऐप खास तौर पर वंचित बच्चों के लिए बनाया जा रहा है, जिसमें मुफ्त में पढ़ाई की सामग्री, पाठ्यक्रम आधारित नोट्स और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। फाउंडेशन का कहना है कि इस ऐप के जरिए ग्रामीण और शहरी शिक्षा के बीच का अंतर कम करने में मदद मिलेगी, ताकि उन बच्चों को भी बेहतर पढ़ाई का मौका मिल सके जो महंगे स्कूल या ट्यूशन तक नहीं पहुंच पाते।
मीडिया से सहयोग की अपील
आर्यमन सिन्हा ने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए मीडिया की भूमिका बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन चाहता है कि पत्रकार और मीडिया संस्थान इस अभियान में भागीदार बनें, ताकि जरूरतमंद लोगों तक सही जानकारी और मदद पहुंच सके। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटना के कई प्रमुख मीडिया संस्थानों की सक्रिय भागीदारी रही।
11 अप्रैल को अधिवेशन भवन में होगा भव्य उद्घाटन
फाउंडेशन ने बताया कि 11 अप्रैल को अधिवेशन भवन में होने वाला उद्घाटन कार्यक्रम काफी भव्य होगा। इसमें समाजसेवी, शिक्षाविद, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और मीडिया जगत के लोग शामिल होंगे। फाउंडेशन ने उम्मीद जताई कि यह कार्यक्रम बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े सामाजिक कामों को नई दिशा देगा।
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