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Patna : बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए नामांकन करने वाले सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं। गुरुवार को सभी नवनिर्वाचित सदस्य विधानसभा पहुंचकर अपना निर्वाचन प्रमाण-पत्र प्राप्त कर रहे हैं। इनमें भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार, भाजपा नेता संजय मयूख समेत विभिन्न दलों के उम्मीदवार शामिल हैं। इस बार इन सीटों पर जितनी सीटें थीं, उतने ही उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। ऐसे में चुनाव की नौबत नहीं आई और सभी प्रत्याशी बिना मतदान के ही विधान परिषद पहुंच गए।
विधानसभा परिसर में दिखा जीत का उत्साह
निर्वाचन प्रमाण-पत्र लेने के लिए जैसे ही नेता विधानसभा परिसर पहुंचे, वहां उत्साह का माहौल देखने को मिला। राजद कोटे से निर्वाचित सुनील कुमार सिंह और लोजपा (रामविलास) के अशरफ अंसारी विधानसभा पोर्टिको में पहुंचते ही विक्ट्री साइन दिखाते नजर आए। दोनों नेताओं ने समर्थकों का अभिवादन किया और अपनी खुशी जाहिर की। नवनिर्वाचित सदस्यों के समर्थक भी विधानसभा परिसर के बाहर जुटे रहे और अपने नेताओं को बधाई देते दिखाई दिए।
लालू यादव के जन्मदिन पर सुनील सिंह को मिला जीत का तोहफा
राजद के निर्वाचित उम्मीदवार सुनील कुमार सिंह के लिए यह दिन कई मायनों में खास रहा। उन्होंने कहा कि आज उनकी पार्टी के संरक्षक और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव का 79वां जन्मदिन है। ऐसे दिन विधान परिषद सदस्यता का प्रमाण-पत्र मिलना उनके लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। सुनील सिंह ने अपनी जीत के लिए लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है और वे उस भरोसे पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
पत्रकारों के सवालों पर निशांत कुमार ने साधी चुप्पी
जदयू उम्मीदवार निशांत कुमार भी प्रमाण-पत्र लेने विधानसभा पहुंचे। इस दौरान पत्रकारों ने उनसे पहली बार विधान परिषद सदस्य बनने और उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल पूछे। हालांकि निशांत कुमार ने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। वे बिना प्रतिक्रिया दिए सीधे प्रमाण-पत्र लेने के लिए आगे बढ़ गए। उनकी यह चुप्पी पूरे दिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही।
पवन सिंह भी बने विधान पार्षद
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित अभिनेता और गायक पवन सिंह अब बिहार विधान परिषद के सदस्य होंगे। भाजपा ने उन्हें इस बार अपना उम्मीदवार बनाया था और वे निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। एमएलसी उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पवन सिंह ने हाल ही में मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह से भी मुलाकात की थी। वे पटना स्थित उनके आवास पहुंचे थे, जहां दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई थी। मुलाकात के बाद अनंत सिंह उन्हें छोड़ने घर से बाहर तक आए थे।
भाजपा उम्मीदवार मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात
निर्वाचन प्रमाण-पत्र लेने के बाद भाजपा के सभी नवनिर्वाचित विधान पार्षद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी से भी भेंट करेंगे। भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय मयूख के साथ पार्टी के सभी निर्वाचित उम्मीदवार मुख्यमंत्री से मिलकर उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस मुलाकात में आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा हो सकती है।
जदयू के चारों नवनिर्वाचित सदस्य नीतीश कुमार से मिलेंगे
जनता दल यूनाइटेड के सभी चार नवनिर्वाचित विधान पार्षद प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के बाद मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार से मुलाकात करेंगे। इसके लिए वे 7, सर्कुलर रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान पार्टी नेतृत्व नए सदस्यों को भविष्य की जिम्मेदारियों को लेकर भी दिशा-निर्देश दे सकता है।
सुनील सिंह लेंगे लालू, राबड़ी और तेजस्वी का आशीर्वाद
राजद के निर्वाचित उम्मीदवार सुनील कुमार सिंह भी प्रमाण-पत्र लेने के बाद पार्टी नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार वे सबसे पहले तेजस्वी यादव से मिलेंगे। इसके बाद लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का आशीर्वाद लेंगे। राजद इस मुलाकात को संगठन की एकजुटता और नेतृत्व के प्रति सम्मान के तौर पर देख रही है।
किन-किन उम्मीदवारों को मिली जीत
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचित होने वाले उम्मीदवारों में भाजपा से पवन सिंह, संजय मयूख, शीला पंडित और अनिल ठाकुर शामिल हैं। जदयू से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद को जीत मिली है। वहीं लोजपा (रामविलास) से अशरफ अंसारी और राजद से सुनील कुमार सिंह निर्वाचित हुए हैं।
दीपक प्रकाश को टिकट नहीं मिलने से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
इस चुनाव में भाजपा ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश को उम्मीदवार नहीं बनाया। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में उनके भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। साथ ही उनके मंत्रिपद को लेकर भी अटकलों का दौर शुरू हो गया है। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अब परिषद में होगी नए चेहरों की एंट्री
निर्वाचन प्रमाण-पत्र मिलने के साथ ही सभी 10 उम्मीदवार औपचारिक रूप से बिहार विधान परिषद के सदस्य बन जाएंगे। चूंकि सभी उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं, इसलिए इस बार मतदान कराने की जरूरत नहीं पड़ी। सभी प्रमुख दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत पहले ही सुनिश्चित कर ली थी। अब राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर रहेगी कि परिषद में ये नए सदस्य किस तरह की भूमिका निभाते हैं और आने वाले दिनों में उनकी राजनीतिक सक्रियता कैसी रहती है।
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