अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : कभी-कभी अपने काम पर भरोसा रखना सबसे बड़ा फैसला साबित होता है। रांची की बेटी अवनी केजरीवाल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट में उम्मीद से कम अंक मिलने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया। नतीजा ऐसा आया जिसने पूरे झारखंड को गर्व करने का मौका दे दिया। री-इवैल्यूएशन के बाद अवनी के 24 अंक बढ़ गए और अब उनके 500 में पूरे 500 अंक हो गए हैं। इस शानदार प्रदर्शन के साथ वह राष्ट्रीय स्तर पर टॉपर बन गई हैं।
इंग्लिश में कम नंबर देखकर लिया री-इवैल्यूएशन का फैसला
अवनी बताती हैं कि उन्हें 500 में 500 अंक मिलने की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा, “घर में सभी बहुत खुश हैं। इंग्लिश मेरा सबसे पसंदीदा और सबसे मजबूत विषय था, लेकिन उसमें 19 अंक कम मिले थे। मुझे लगा कि कहीं न कहीं जांच में गलती हुई है। इसी वजह से मैंने री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया। बिजनेस स्टडीज में भी 5 अंक कम मिले थे। पहले ही तीन विषयों में मुझे पूरे 100 अंक मिल चुके थे। री-इवैल्यूएशन के बाद कुल 24 अंक बढ़ गए और अब मेरा स्कोर 500 में 500 हो गया है।”
पांचों मुख्य विषयों में मिले पूरे अंक
अवनी ने अपने पांचों मुख्य विषयों में 100 में 100 अंक हासिल किए हैं। इनमें इंग्लिश कोर, अकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, इकोनॉमिक्स और एप्लाइड मैथेमेटिक्स शामिल हैं। इसके अलावा अतिरिक्त विषय ग्राफिक्स में भी उन्हें 99 अंक मिले हैं। उनकी इस उपलब्धि ने डीपीएस रांची के साथ-साथ पूरे राज्य का नाम रोशन किया है।
परिवार ने कहा, मेहनत का मिला पूरा फल
अवनी धुर्वा स्थित डीपीएस सेल टाउनशिप की छात्रा हैं। उनके पिता मितेश केजरीवाल व्यवसायी हैं, जबकि मां पूनम केजरीवाल गृहिणी हैं। परिवार का कहना है कि अवनी बचपन से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रही हैं। उन्होंने हमेशा नियमित पढ़ाई, अनुशासन और मेहनत को प्राथमिकता दी। आज उसी मेहनत का परिणाम पूरे देश के सामने है।
री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया ने दिलाई नई पहचान
सीबीएसई की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होती है। सबसे पहले छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी मंगाकर यह देखते हैं कि कहीं कोई उत्तर जांचने से छूट तो नहीं गया या अंक जोड़ने में गलती तो नहीं हुई। इसके बाद मार्क्स वेरिफिकेशन कराया जाता है, जिसमें कुल अंक और डेटा एंट्री की जांच होती है। अंतिम चरण में छात्र चुनिंदा सवालों के री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करता है, जहां परीक्षक उन उत्तरों की दोबारा जांच करते हैं। इस प्रक्रिया में अंक बढ़ भी सकते हैं, घट भी सकते हैं या फिर पहले जैसे ही रह सकते हैं।
झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने दी बधाई
अवनी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने उन्हें और उनके परिवार को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि अवनी ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के दम पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यह उपलब्धि सिर्फ डीपीएस रांची की नहीं, बल्कि पूरे रांची और झारखंड के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. जया चौहान और सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी बधाई देते हुए कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता में परिवार और शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि अवनी आगे भी अपनी प्रतिभा से देश और समाज का नाम रोशन करेंगी।
छात्रों के लिए बनीं प्रेरणा
अवनी केजरीवाल की सफलता सिर्फ एक रिजल्ट नहीं है, बल्कि उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो अपने प्रदर्शन को लेकर कभी-कभी निराश हो जाते हैं। अगर अपने उत्तरों पर भरोसा हो और सही प्रक्रिया अपनाई जाए, तो मेहनत का पूरा सम्मान जरूर मिलता है। रांची की इस बेटी ने यह साबित कर दिया है कि आत्मविश्वास और लगातार प्रयास से हर मंजिल हासिल की जा सकती है।
इसे भी पढ़ें : राजधानी में नशे के नेटवर्क पर बड़ा वार, तीन ठिकानों से पांच गिरफ्तार

