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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ में लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने होटल, लॉज और अतिथि गृहों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मेघा भारद्वाज के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने जिले के कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और वहां मौजूद सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। निरीक्षण दल में एसडीओ साइमन मरांडी, कार्यपालक दंडाधिकारी विकास कुमार त्रिवेदी और जिला अग्निशमन पदाधिकारी अजय कुमार सिंह शामिल थे। टीम ने एक-एक कर विभिन्न होटल, लॉज और अतिथि गृहों का दौरा किया और वहां आग लगने की स्थिति में उपलब्ध सुरक्षा संसाधनों की जांच की।
फायर एक्सटिंग्विशर से लेकर आपातकालीन निकास तक की हुई जांच
जांच के दौरान अधिकारियों ने फायर एक्सटिंग्विशर की उपलब्धता और उनकी स्थिति देखी। इसके अलावा फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग, बिजली व्यवस्था की सुरक्षा, पानी की उपलब्धता और अन्य अग्निशमन उपकरणों की भी बारीकी से जांच की गई। टीम ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और आग पर काबू पाने के पर्याप्त इंतजाम मौजूद हों।
कई जगह व्यवस्था ठीक, कुछ प्रतिष्ठानों में मिली कमियां
निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। हालांकि कुछ होटल, लॉज और अतिथि गृहों में जरूरी सुरक्षा मानकों की कमी सामने आई। ऐसे प्रतिष्ठानों को प्रशासन की ओर से सात दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने साफ कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक सुधार कर सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
एनओसी के बिना संचालन पर होगी कार्रवाई
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि होटल, लॉज और अतिथि गृहों का संचालन भवन प्रमंडल और अग्निशमन विभाग से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने के बाद ही किया जाना चाहिए। उन्होंने संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नियमों के तहत होगी कड़ी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन प्रतिष्ठानों द्वारा निर्धारित सात दिनों के भीतर कमियों को दूर नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ NBCS-2026, Building Bye-Laws-2016 और Fire Safety Rules के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें कानूनी कार्रवाई के साथ अन्य प्रशासनिक कदम भी शामिल हो सकते हैं।
जल्द मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
जिला प्रशासन ने संयुक्त जांच समिति को पूरे अभियान की विस्तृत रिपोर्ट जल्द सौंपने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन ने सभी होटल, लॉज और अतिथि गृह संचालकों से अपील की है कि वे अग्नि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करें, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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