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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़–धुलियान मुख्य सड़क पर 16 दिसंबर का दिन आम दिनों जैसी ही था। गाड़ियां दौड़ रही थीं, लोग अपने काम में लगे थे। तभी मुफ्फसिल थाना गेट के सामने खनन विभाग की नजर एक ओवरलोड हाईवा पर पड़ी। देखने में यह सिर्फ एक और पत्थर लदा वाहन था, लेकिन यही हाईवा कुछ ही घंटों में बड़े फर्जीवाड़े की कहानी बन गया।
कागज दिखा, भरोसा टूटा
जांच के दौरान चालक परवेज मुशर्रफ ने एक चालान आगे बढ़ाया। कागज पर सब कुछ ठीकठाक दिख रहा था। स्टोन चिप्स, डीलर का नाम, खरीददार का पता, सब दर्ज था। लेकिन जब अधिकारियों की नजर मधुबनी के झंझारपुर पते पर गई, तो शक पैदा हुआ। सवाल उठा कि पाकुड़ से निकला स्टोन चिप्स बिहार क्यों भेजा जा रहा है।
ऑनलाइन जांच हुई, तो खुली पोल
जब चालान की जांच जिम्स पोर्टल पर की गई, तो कहानी पूरी तरह पलट गई। चालान वहां दर्ज ही नहीं था। डीलर के नाम पर कोई पंजीकरण नहीं मिला। कागज, जो सड़क पर वैध दिख रहा था, सिस्टम में मौजूद ही नहीं था। यहीं से यह साफ हो गया कि मामला महज गलती नहीं, बल्कि सोची समझी साजिश है।
फर्जी चालान, असली नुकसान
इस तरह के फर्जी चालान सिर्फ नियमों का उल्लंघन नहीं होते, बल्कि सीधे सरकार के खजाने पर चोट करते हैं। खनन से मिलने वाला राजस्व सड़कों, स्कूलों और अस्पतालों तक पहुंचता है। जब चालान फर्जी होता है, तो नुकसान सिर्फ सरकार को नहीं, आम लोगों को भी होता है।
नाम सामने आए, नेटवर्क की आहट मिली
स्थानीय पूछताछ में कुछ नाम उछल कर सामने आए। बेल पोखर के सिंटू शेख, जानकी नगर के अरशद शेख, महबूब आलम और बाकी शेख। आरोप है कि ये लोग लंबे समय से इस तरह के दस्तावेज तैयार कर अवैध परिवहन में शामिल रहे हैं। यह किसी एक वाहन की कहानी नहीं, बल्कि एक नेटवर्क की ओर इशारा है। मामले में खान निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह ने मुफफ्फसिल थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई और पुलिस ने चार लोगों को कस्टडी में ले लिया।
चालक से मालिक तक, जिम्मेदारी की कड़ी
मुफ्फसिल थाना पुलिस ने सिर्फ कागज थामने वाले हाथ तक खुद को सीमित नहीं रखा। हाइवा के मालिक और चालक दोनों को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। संदेश साफ है कि जिम्मेदारी नीचे से ऊपर तक तय होगी।
सवाल जो हवा में तैरते हैं
सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर यह हाईवा नहीं पकड़ा जाता, तो कितने और फर्जी चालान सड़क पर दौड़ते रहते। कितनी बार सरकार का राजस्व इस तरह चुपचाप निकल जाता। और कितने लोग इस खेल से मजबूत होते चले जाते।
जांच जारी, उम्मीद बाकी
मुफ्फसिल थाना में कांड संख्या 263/25 दर्ज हो चुकी है। पुलिस और खनन विभाग गहराई से जांच में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि परतें अभी और खुल सकती हैं। शायद कुछ ऐसे नाम भी सामने आएं, जिनका अंदाजा अभी किसी को नहीं।
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