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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ और साहिबगंज जिले में पत्थर और कोयला व्यवसाय से जुड़े रैक लोडिंग कार्य को बंद किए जाने के बाद सोमवार को कोलकाता में ईस्टर्न रेलवे मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण हाई लेवल बैठक आयोजित की गई। यह बैठक झामुमो के केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता पंकज मिश्रा के आह्वान पर बुलाई गई थी। बैठक में ईस्टर्न रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) मिलिंद देउस्कर, लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू, महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी, झामुमो केंद्रीय कमेटी सदस्य संजय गोस्वामी, युवा नेता विकास मुर्मू, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी तथा क्षेत्र के प्रमुख पत्थर व्यवसायी शामिल हुए।
व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी से बढ़ा दबाव
बीते दिनों पाकुड़ जिले में कोयला और पत्थर रैक लोडिंग कार्य को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। इस कदम से रेलवे को भारी राजस्व नुकसान होने की संभावना थी, वहीं स्थानीय उद्योग और श्रमिकों पर भी असर पड़ रहा था। इस आंदोलन का नेतृत्व लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू, महेशपुर विधायक स्टीफन मरांडी और झामुमो के केंद्रीय महासचिव पंकज मिश्रा ने किया था। उनका कहना था कि वर्षों से पाकुड़ और साहिबगंज क्षेत्र की रेल सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है, जबकि यह क्षेत्र रेलवे को बड़ा राजस्व देता है।

बैठक में रेलवे के सामने रखी गईं प्रमुख समस्याएं
बैठक के दौरान नेताओं और व्यवसायियों ने रेलवे अधिकारियों के समक्ष कई लंबित मांगें और समस्याएं रखीं। इनमें यात्रियों की सुविधाओं की कमी, लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव नहीं होना, स्टेशन पर बुनियादी ढांचे की कमजोर स्थिति और माल ढुलाई से जुड़ी दिक्कतें प्रमुख रहीं। झामुमो नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है।
सांसद विजय हांसदा भी कई दफा उठा चुके हैं मुद्दा
इस मामले को लेकर सांसद विजय हांसदा भी कई दफा लोकसभा में मुद्दा उठा चुके हैं। रेल मंत्री के मुलाकात कर व्यवसायियों और लोगों की समस्याओं से अवगत करा कर समस्याओं के समाधान की मांग कर चुके हैं।
इन 6 बड़ी मांगों पर बनी सहमति
करीब लंबी बातचीत के बाद ईस्टर्न रेलवे प्रबंधन ने क्षेत्र के विकास और यात्रियों की सुविधा को देखते हुए अधिकांश मांगों को स्वीकार कर लिया।
रेलवे द्वारा जिन मांगों पर सहमति दी गई, वे इस प्रकार हैं :
- शताब्दी एक्सप्रेस का पाकुड़ स्टेशन पर ठहराव दिया जाएगा, जिससे व्यवसायियों और यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
- वनांचल एक्सप्रेस में फर्स्ट क्लास एसी का एक पूरा कोच जोड़ा जाएगा।
- चेन्नई जाने वाली ट्रेन को पाकुड़ स्टेशन पर नियमित ठहराव दिया जाएगा और उसका संचालन नियमित किया जाएगा।
- पाकुड़ से साहिबगंज होते हुए विक्रमशिला एक्सप्रेस से कनेक्टिंग सुविधा दी जाएगी, ताकि दिल्ली जाने वाले यात्रियों को आसानी हो।
- साहिबगंज वाया पाकुड़ दिल्ली के लिए एक नई ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी।
- पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा, जिसमें प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार शामिल है।
पहले भी उठे थे कई विकास से जुड़े मुद्दे
इससे पहले हुई बैठकों में भी पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर शताब्दी एक्सप्रेस के ठहराव, साहिबगंज में पूर्वी और पश्चिमी रेल ओवरब्रिज के टेंडर जल्द जारी करने, पाकुड़ से भागलपुर के लिए लोकल ट्रेन चलाने, पाकुड़ में बंद पड़े एक्सीलेटर को फिर से शुरू करने और साहिबगंज में लोको शेड निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा हो चुकी है। रेलवे अधिकारियों ने इन मुद्दों पर भी जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
नेताओं ने जताया संतोष
बैठक के बाद झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता पंकज मिश्रा ने बताया कि रेलवे प्रबंधन के साथ सकारात्मक और सार्थक बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि यह फैसला क्षेत्र के लाखों लोगों के हित में है और इससे व्यापार, रोजगार और यात्री सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा। विधायक हेमलाल मुर्मू और प्रो. स्टीफन मरांडी ने भी बैठक को सफल बताते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो क्षेत्र के हित में आगे भी संघर्ष किया जाएगा।
व्यापारियों में भी खुशी
पत्थर व्यवसायियों ने भी रेलवे के फैसले पर संतोष जताया और उम्मीद व्यक्त की कि अब क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियां और तेज होंगी तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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