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Hazaribagh (Sunil Kumar, Daru) : सुबह का वक्त था। एनएच-522 पर सिवाने पुल के पास रोज की तरह गाड़ियां गुजर रही थीं। किसी को अंदाजा नहीं था कि एक सफेद डस्टर कार के भीतर नशे का बड़ा जाल छिपा है। इसी बीच थानेदार इकबाल हुसैन की एक छोटी सी टीम वहां पहुंची, आंखें सड़क पर थीं और भरोसा अपनी सूचना पर। यह वही सूचना थी जिसने दारू पुलिस को एक बड़ी सफलता तक पहुंचाया।
भरोसे की सूचना और सधी हुई तैयारी
एसपी अंजनी अंजन को मिली गुप्त जानकारी के बाद विष्णुगढ़ एसडीपीओ बैजनाथ प्रसाद की देखरेख में टीम बनाई गयई। दारू थानेदार इकबाल हुसैन अपने जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। कोई हड़बड़ी नहीं, कोई शोर नहीं। सड़क पर खड़ी पुलिस सामान्य जांच का दृश्य दे रही थी। लेकिन टीम जानती थी कि यह कोई आम जांच नहीं है।
जब कार रुकी और चेहरा बदल गया
जैसे ही संदिग्ध डस्टर कार रुकी, चालक के चेहरे पर घबराहट साफ दिखने लगी। पुलिस की नजरें यही तलाश रही थीं। अचानक वह शख्स कार से उतरकर भागने की कोशिश करने लगा। यही पल था जब शक यकीन में बदल गया। थानेदार इकबाल हुसैन की टीम ने घेराबंदी की और उसे पकड़ लिया। उसका नाम चंदन कुमार बताया गया, रांची के नामकुम इलाके का रहने वाला।
कार नहीं, चलता फिरता गोदाम
जब थआनेदार ने कार के भीतर झांका तो कहानी और गहरी हो गई। डस्टर के भीतर बनाए गए गुप्त चेंबर से एक-एक कर प्लास्टिक में लिपटे पैकेट निकलने लगे। कुल 13 पैकेट। वजन किया गया तो सामने आया 48.1 किलो गांजा। इस गांजे की कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी गई। सड़क पर चल रही एक कार दरअसल नशे का चलता फिरता गोदाम थी।
पूछताछ में खुला पूरा नेटवर्क
थाने में हुई पूछताछ में चंदन कुमार टूट गया। उसने कबूल किया कि वह अकेला नहीं है। इस तस्करी में कार के मालिक विश्वनाथ सरकार, जो सिलीगुड़ी का रहने वाला है और एक अन्य सहयोगी मिठ्ठु सिंह, निवासी रांची, भी शामिल हैं। यह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं थी, बल्कि एक पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगी थीं।
सिर्फ कार्रवाई नहीं, जिम्मेदारी
दारू थानेदार इकबाल हुसैन के लिए यह मामला सिर्फ एक फाइल नहीं था। वे जानते हैं कि गांजा जैसे नशे का असर सीधे युवाओं और परिवारों पर पड़ता है। एक पैकेट जब सड़क पर पहुंचता है, तो कई जिंदगियों को नुकसान पहुंचाता है। शायद यही वजह थी कि उन्होंने टीम के साथ बिना किसी चूक के इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
न्यायिक हिरासत और आगे की लड़ाई
पुलिस ने दारू थाना कांड संख्या 7/26 दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। साथ ही फरार सहयोगियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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