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Ranchi : रांची के खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम में शुक्रवार का दिन कुछ अलग था। यहां कुर्सियों पर बैठे लोग कोई आम दर्शक नहीं थे। ये वे चेहरे थे, जिनके पास गांव की असली धड़कन है। कोई मुखिया था, कोई पंचायत समिति सदस्य, कोई जिला परिषद से जुड़ा प्रतिनिधि। किसी के माथे पर अपने गांव की चिंता थी, तो किसी की आंखों में अपने पंचायत को आगे ले जाने का सपना। मौका था “मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह-सह-मुखिया सम्मेलन 2026 (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल)” का, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद पहुंचे और पंचायत प्रतिनिधियों से सीधे संवाद किया। यह सम्मेलन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि झारखंड के गांवों की उस उम्मीद का नाम था, जो अक्सर शहरों की चमक में दब जाती है।
जब मंच पर बुलाए गए गांव के असली नायक
कार्यक्रम में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना के तहत चयनित पंचायतों और संस्थाओं को सम्मानित किया। जैसे ही पंचायतों के प्रतिनिधियों को मंच पर बुलाया गया, स्टेडियम में तालियों की आवाज गूंज उठी। कई पंचायत प्रतिनिधियों के चेहरे पर साफ झलक रहा था कि यह सम्मान केवल राशि नहीं है, बल्कि उनके संघर्ष की पहचान है। कई ऐसे भी थे जिन्होंने गांव की गलियों में नाली, सड़क, पानी और साफ-सफाई के लिए दिन-रात मेहनत की। अब वही लोग मंच पर सम्मान पा रहे थे। मुख्यमंत्री और अतिथियों ने उत्कृष्ट ग्राम पंचायत, श्रेष्ठ ग्राम सभा, स्वच्छ एवं स्वस्थ पंचायत समिति और स्वच्छ एवं स्वस्थ जिला परिषद जैसी श्रेणियों में चयनित संस्थाओं को प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री का साफ संदेश : गांव मजबूत होगा तो झारखंड मजबूत होगा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंच से जो बात कही, वह सीधे गांव के दिल को छूने वाली थी। उन्होंने कहा कि राज्य का विकास तभी संभव है जब गांव का विकास होगा। उन्होंने गांव को राज्य की जड़ बताते हुए कहा कि जब जड़ मजबूत होगी, तभी पेड़ मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार राजधानी या मुख्यालय से नहीं बल्कि गांव से चलने वाली सरकार है। मुख्यमंत्री का यह बयान उन प्रतिनिधियों के लिए भरोसे का संकेत था, जो अक्सर महसूस करते हैं कि उनकी आवाज दूर तक नहीं पहुंचती।
पंचायत और प्रशासन साथ चलेंगे तो बदलेगा गांव
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में एक अहम बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की व्यवस्था दोनों मौजूद हैं। एक तरफ पंचायत सेवक और अधिकारी हैं, दूसरी तरफ पंचायत से लेकर मुख्यमंत्री तक जनप्रतिनिधि। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब दोनों मिलकर काम करेंगे, तभी विकास की रफ्तार तेज होगी। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि सरकार की योजनाओं को अपनी जिम्मेदारी समझें, तभी संसाधनों का सही उपयोग होगा।

सम्मान सिर्फ इनाम नहीं, गांवों के लिए एक नई शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण हुआ है। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनशीलता और सम्मान का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना सिर्फ पुरस्कार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मकसद पंचायतों में नवाचार, पारदर्शिता और बेहतर काम की संस्कृति को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि अगर अच्छे काम की पहचान होगी, तो बाकी पंचायतें भी आगे बढ़ेंगी और गांव में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनेगी।
गर्मी बढ़ी तो पानी की चिंता भी बढ़ी, तैयारी अभी से जरूरी
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में जल संकट को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गर्मी के समय गांवों और शहरों में पानी की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में पंचायत प्रतिनिधियों को पहले से तैयारी करनी होगी। उन्होंने कहा कि पुराने तालाबों की सफाई और गहरीकरण कराया जाए ताकि बारिश का पानी ज्यादा मात्रा में जमा हो सके। साथ ही चापाकलों के पास सोक पिट बनाने पर जोर दिया, जिससे भूजल स्तर गिरने से रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ग्राम पंचायतों में पानी की समस्या को देखना जनप्रतिनिधियों की बड़ी जिम्मेदारी है।
खेत अब सिर्फ खेती के लिए नहीं, सोलर प्लांट से भी बनेगी कमाई
मुख्यमंत्री ने गांव के लोगों को आय बढ़ाने का एक नया रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि खेतों में खाली जमीन पर सोलर पावर प्लांट लगाकर बिजली बनाई जा सकती है और सरकार उस बिजली को खरीदेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जगह ऐसी जमीन होती है जहां खेती साल भर नहीं होती या जमीन बंजर रहती है। वहां गांव के लोग ग्राम सभा के जरिए मिलकर सोलर प्लांट लगाएं और अपनी आमदनी बढ़ाएं। यह बात सुनकर कई पंचायत प्रतिनिधि आपस में चर्चा करते दिखे। साफ था कि गांव में रोजगार और आय के नए रास्तों की उम्मीद जग रही है।
अब आधार से जुड़े काम के लिए गांव से बाहर नहीं जाना पड़ेगा
कार्यक्रम में एक और महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। UIDAI से संबंधित सहभागिता की शर्तों की हस्ताक्षरित प्रति का औपचारिक हस्तांतरण हुआ। इस एमओयू के जरिए अब पंचायत स्तर पर आधार कार्ड से जुड़े काम उपलब्ध कराए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों को अब बार-बार दूर नहीं जाना पड़ेगा, वे गांव के कॉमन सर्विस सेंटर में ही आधार से संबंधित काम करवा सकेंगे। यह घोषणा उन लोगों के लिए राहत जैसी थी, जिन्हें आधार सुधार के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता था।
मुख्यमंत्री की अपील : जनता की उम्मीदों पर खरे उतरें
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के अंत में सभी पंचायत प्रतिनिधियों से साफ कहा कि जनता ने उन्हें भरोसा देकर चुना है, इसलिए वे अपने दायित्वों को ईमानदारी से निभाएं। उन्होंने कहा कि सरकार संसाधन दे रही है, योजनाएं दे रही है, लेकिन गांव में बदलाव तभी होगा जब पंचायत प्रतिनिधि सक्रिय रहेंगे और जरूरत के हिसाब से योजनाओं का चयन करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सरकार और जनप्रतिनिधि लगातार संपर्क में रहेंगे, तो योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर होगा और समस्याओं का समाधान भी तेजी से हो सकेगा।
बड़ी संख्या में पहुंचे जनप्रतिनिधि, कार्यक्रम में दिखी पंचायत की ताकत
इस मौके पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक सुरेश बैठा, विधायक ममता देवी, विधायक राजेश कच्छप, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, निदेशक पंचायती राज बी. राजेश्वरी, UIDAI निदेशक नीरज कुमार समेत बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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