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Ranchi : झारखंड में ट्रेजरी से अवैध पैसे निकासी के दो बड़े मामलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हजारीबाग और बोकारो में सामने आए इन मामलों की जांच अब अपराध अनुसंधान विभाग (CID) को सौंप दी गई है। राज्य सरकार के आदेश के बाद CID ने दोनों केस अपने हाथ में लेते हुए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन कर दिया है। अब यह टीम पूरे मामले की तह तक जाकर जांच करेगी।
हजारीबाग और बोकारो के दो बड़े मामले
CID की ओर से मिली जानकारी के अनुसार पहला मामला हजारीबाग जिले के लोहसिंघना थाना का है। यह कांड संख्या 32/26 है, जो 8 अप्रैल 2026 को दर्ज किया गया था। इस मामले में ट्रेजरी से अवैध राशि निकासी की शिकायत सामने आई थी। दूसरा मामला बोकारो स्टील सिटी थाना का है। यह कांड संख्या 62/26 है, जो 7 अप्रैल 2026 को दर्ज हुआ था। यहां भी सरकारी खजाने से गलत तरीके से पैसे निकालने की बात सामने आई है। दोनों मामलों को गंभीर मानते हुए सरकार ने इसकी जांच सीधे CID को सौंप दी।
आईजी पंकज कंबोज की अध्यक्षता में SIT
इन मामलों की बेहतर जांच के लिए आईजी (मानवाधिकार) पंकज कंबोज की अध्यक्षता में SIT बनाई गई है। इस टीम में बड़े स्तर के पुलिस अधिकारी शामिल किए गए हैं। SIT में एक डीआईजी, दो एसपी, तीन डीएसपी और दो इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी सदस्य के रूप में रखे गए हैं। इस टीम का काम सिर्फ कागजी जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पता लगाया जाएगा कि पैसे कैसे निकाले गए, किसकी भूमिका रही और पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है।
CID ने अलग से दर्ज किया मामला
CID, झारखंड, रांची ने इन दोनों मामलों में खुद भी मामला दर्ज कर लिया है। इसके बाद SIT के सदस्य हजारीबाग और बोकारो पहुंच चुके हैं और जांच शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार ट्रेजरी के रिकॉर्ड, बैंक दस्तावेज, भुगतान से जुड़े कागज और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है। कई लोगों से पूछताछ भी की जा सकती है।
VC के जरिए हुई पहली समीक्षा
SIT के अध्यक्ष पंकज कंबोज ने सभी सदस्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। इस दौरान दोनों मामलों की शुरुआती समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि जांच निष्पक्ष हो, तेजी से हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। हर बिंदु की गहराई से जांच करने को कहा गया है।
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